Usha Devi witness: न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष के समक्ष गवाही के बाद बाहर आने पर उषा देवी ने दावा किया कि जब वह घटनाक्रम के दिन का विवरण दे रही थीं, तो उन्हें अपनी बात पूरी नहीं करने दी गई।
- हाइलाइट: Usha Devi witness
- बहुचर्चित बिलौटी एनकाउंटर केस:
- गवाही के बाद उषा देवी का दावा
- जज साहब ने रोक दिया
- बताया: पूरी बात नहीं कह पाई
आरा। बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की सुनवाई के चौथे दिन बुधवार को न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष सह पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा के समक्ष दो प्रत्यक्षदर्शियों ने अपनी गवाही दर्ज कराई, जिसमें उषा देवी का बयान अत्यंत गंभीर और चौंकाने वाला है। उषा देवी ने इस मामले में जगदीशपुर एसडीएम, तत्कालीन डीएसपी और पुलिस की भूमिका पर सीधे तौर पर सवाल उठाए हैं।
Usha Devi witness : उषा देवी का दावा, पूरी बात नहीं कह पाई, जज साहब ने रोक दिया
न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष के समक्ष गवाही के बाद बाहर आने पर उषा देवी ने दावा किया कि जब वह घटनाक्रम के दिन का विवरण दे रही थीं, तो उन्हें अपनी बात पूरी नहीं करने दी गई। उषा देवी के अनुसार, जब उन्होंने एसडीएम और डीएसपी तथा पुलिसकर्मियों द्वारा की गई कार्रवाई का उल्लेख करना चाहा, तो पीठासीन न्यायाधीश ने उन्हें टोक दिया। उषा देवी ने बताया कि माननीय न्यायाधीश महोदय ने उनसे यह जानने का प्रयास किया कि क्या उन्होंने वास्तव में अपनी आंखों से सब कुछ देखा है।
बताया कि उन्होंने मड़ई की टाटी के पीछे से देखा था सबकुछ
उषा देवी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वे घटना की प्रत्यक्षदर्शी हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास एक छोटा बच्चा है, जिसे छोड़कर वे कहीं नहीं भाग सकती थीं। उन्होंने अदालत को बताया कि उन्होंने मड़ई की टाटी के पीछे से देखा था कि कैसे भरत तिवारी को जबरन एक बोलेरो गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया। उन्होंने जो कुछ भी अपनी आंखों से देखा था, उसे जज साहब के समक्ष दर्ज कराने का पूरा प्रयास किया।
बच्चों के लिए मिठाइयां और बिस्किट लेकर आते थे भरत तिवारी
गवाही के बाद मीडिया से बातचीत में उषा देवी ने भावुक होते हुए कई गंभीर बातें कहीं। उन्होंने बताया कि भरत तिवारी न केवल उनके लिए संघर्ष कर रहे थे, बल्कि वे स्थानीय लोगों की मदद के लिए भी तत्पर रहते थे। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी अक्सर उनके बच्चों के लिए मिठाइयां और बिस्किट लेकर आते थे।
कहा: अब उन सबकी सुध लेने वाला कोई नहीं
उषा देवी ने अपनी वर्तमान दयनीय स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बिलौटी गांव के जिस स्थान पर उन्हें बसाया गया है, वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि आज आरा आते समय उनके पैर में कील चुभ गई, जिससे उन्हें चलने में भारी कष्ट हो रहा है।
उन्होंने प्रशासन की उपेक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन सबकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने अपनी बदहाली का जिक्र करते हुए यह भी बताया कि बारिश के कारण उनके घर का राशन, जैसे आटा और चावल, पूरी तरह भीग कर खराब हो गया है।

