HomeNewsबिहारक्या जवईनिया के इतिहास को फिर से दोहराया जाएगा? काम बंद

क्या जवईनिया के इतिहास को फिर से दोहराया जाएगा? काम बंद

Jawainiya history: भाजपा नेता मुक्तेश्वर ओझा ने स्थानीय ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि इस मामले को पूरी गंभीरता के साथ प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। यह कोई साधारण लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी धन का दुरुपयोग और आम जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।

  • हाइलाइट: Jawainiya history
  • जवईनिया कटाव निरोधक कार्य में गंभीर अनियमितताएं
  • भाजपा नेता ने किया निरीक्षण, उठाए सवाल तो लगे आरोप

आरा,भोजपुर। जिला के शाहपुर प्रखंड अंतर्गत जवईनिया गांव में हो रहे गंगा नदी के कटाव निरोधक कार्य को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों की गंभीर शिकायतों और कार्य की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के बीच भाजपा नेता मुक्तेश्वर ओझा उर्फ भुअर ओझा ने स्वयं कार्यस्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई ताकि साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके और उच्च अधिकारियों तक वास्तविकता पहुंचाई जा सके।

Jawainiya history : परियोजना की सूचना छिपाने का प्रयास

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते कहा कि कार्यस्थल पर कहीं भी एस्टीमेट बोर्ड नहीं लगाया गया है, यहां परियोजना की पूरी जानकारी को छिपाने का प्रयास किया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात कार्य की गुणवत्ता को लेकर सामने आई है। स्वीकृत बीओक्यू (BOQ) के अनुसार, संवेदक को कार्यस्थल से आधे या एक किलोमीटर दूर से साफ बालू लाकर बोरियों में भरना था, ताकि कटाव को प्रभावी ढंग से रोका जा सके। इसके विपरीत, ठेकेदार कार्यस्थल के पास से ही मिट्टी मिश्रित बालू उठाकर बोरियों में भर रहा है।

ग्रामीणों के प्रयोग का वीडियो वायरल

ग्रामीणों के विरोध का आधार उनका स्वयं का किया गया एक प्रयोग है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ग्रामीण एक बोरी में फ्रेश बालू और दूसरी बोरी में कार्यस्थल का गीला मिट्टी मिश्रित बालू भरकर पानी में डालते हैं। प्रयोग में यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि मिट्टी मिश्रित बालू पानी के बहाव में तुरंत घुल जाता है और बोरी खाली हो जाती है, जबकि साफ बालू अपनी जगह टिका रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पूर्व में भी इसी प्रकार की लापरवाही के कारण जवईनिया में कटाव की बड़ी घटनाएं हुई हैं, लेकिन ठेकेदार और संबंधित विभाग उन पुरानी गलतियों से कोई सबक नहीं ले रहे हैं।

जियो बैग बोरियां की जगह साधारण बोरी का प्रयोग

स्थानीय लोगों का तर्क है कि मिट्टी युक्त बालू का उपयोग कटाव रोकने में पूरी तरह विफल साबित होगा। साथ ही केवल साधारण बोरी रखने के बजाय तार के क्रेट (वायर क्रेट) या पत्थरों (बोल्डर) की परत बिछाई जाती, जिसके ऊपर बालू से भरी जियो बैग बोरियां (Geotextile Bags) डालने पर ये मजबूत होता। पानी के बहाव में ये जल्दी फटते नहीं।

कार्य की अत्यंत धीमी गति पर भी सवाल

भाजपा नेता भुअर ओझा ने निरीक्षण के उपरांत इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि जवईनिया की पूर्व की दुखद घटनाओं के बावजूद ठेकेदार की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया है। उन्होंने कार्य की अत्यंत धीमी गति पर भी सवाल उठाए। जिस गति से काम चल रहा है, उसे देखकर यह स्पष्ट है कि छह महीने में भी यह निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाएगा।

रंगदारी व धमकी देने का आरोप गलत: अंकित पांडेय

वही, शाहपुर प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष अंकित पांडेय व ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार इस बात से भली-भांति परिचित है कि जल्द ही मानसून या बाढ़ का समय आ जाएगा। ऐसे में समय रहते कार्य पूरा न करना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है ताकि भविष्य में बाढ़ आने पर कार्यों की गुणवत्ता की असलियत छिप जाए और उसे प्राकृतिक आपदा का नाम दिया जा सके। संवेदक द्वारा जानबूझकर नेताओं पर रंगदारी व धमकी देने का आरोप लगाया जा रहा है की उनकी गलत कार्यों की असलियत छुपी रहें और इस भय से कोई इनका कार्य देखने ना पहुंचे। भुअर ओझा के वायरल वीडियो पर कहा कि जाती सूचक शब्दों का प्रयोग कर इसी तरह नेताओं को हड़काया व भड़काया जाता है।

जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ : भुअर ओझा

वही, भाजपा नेता मुक्तेश्वर ओझा उर्फ भुअर ओझा ने स्थानीय ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि इस मामले को पूरी गंभीरता के साथ प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। यह कोई साधारण लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी धन का दुरुपयोग और आम जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।

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