53rd Foundation Day of Bhojpur: भोजपुर अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान के कारण न केवल बिहार में, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक विशिष्ट और महत्वपूर्ण स्थान रखता है
- हाइलाइट: 53rd Foundation Day of Bhojpur
- गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव
आरा। समाहरणालय सभागार में भोजपुर जिले का 53वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, अध्यक्षता जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने की। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वागत गान के साथ किया गया। बच्चों के स्वागत गान ने वातावरण को ऊर्जावान बना दिया। इस विशिष्ट अवसर पर, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया, तथा अन्य उपस्थित गणमान्य पदाधिकारियों को स्मृति चिन्ह के रूप में पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
इसके उपरांत समारोह को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने भोजपुर जिले के अत्यंत गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भोजपुर जिला अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान के कारण न केवल बिहार में, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक विशिष्ट और महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने जिले की उन उपलब्धियों और विरासतों का उल्लेख किया जो इसके गौरव को बढ़ाती हैं।
जिला पदाधिकारी ने उन विभूतियों को भी याद किया जिन्होंने भोजपुर की उन्नति में अपना अमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ें और जिले की विरासत को संरक्षित व संवर्धित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
समारोह के अंत में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, भोजपुर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर सहायक समाहर्ता, भोजपुर, अपर समाहर्ता (विशेष कार्यक्रम), अपर समाहर्ता (आपदा), अपर समाहर्ता (लोक शिकायत), नगर आयुक्त एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी तथा कर्मी उपस्थित थे



