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अखिल भारतीय संगीत सम्मेलन आरा की प्राचीन परंपराः केसी सिन्हा

खबरे आपकी Ara Nagari Pracharini auditorium आरा। अखिल भारतीय संगीत सम्मेलन आरा की प्राचीन परंपरा हैं। यह विरासत ऐतिहासिक हैं। उक्त बातें वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति गणित के प्रो. (डॉ.) केसी सिन्हा ने शिवादी क्लासिक सेंटर ऑफ आर्ट एंड म्युजिक द्वारा नागरी प्रचारिणी सभागार में आयोजित 6वीं अखिल भारतीय संगीत सम्मेलन में कही। सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. सिन्हा ने संगीत और गणित के परस्पर संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगीत में लय व लयकारी का गणित से खासा संबंध हैं।

jay kumar

Ara Nagari Pracharini auditorium: छठा अखिल भारतीय संगीत सम्मेलन में बोले कुलपति

सम्मेलन का उद्घाटन वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति गणित के प्रो. (डॉ.) केसी सिन्हा ने किया। शास्त्रीय संगीत के उद्भव और विकास पर प्रकाश डालते हुए साहित्यकार रंजीत बहादुर सिंह, डॉ. जया जैन, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के सीसीडीसी डॉ. नीरज कुमार व छात्र कल्याण अध्यक्ष डॉ. सिद्धेश्वर नारायण सिंह सम्मेलन को संबोधित किया।

सम्मेलन में बनारस घराने के सुविख्यात गायक पंडित रामप्रकाश मिश्र ने राग बागेश्री में झपताल व एकताल की बंदिश, तराना, ठुमरी “मैंने लाखों के बोल सहें सितमगर तेरे लिए” व दादरा “गोरी बांके नयन से चलाये जदुवा ” प्रस्तुत कर समां बांधा। पुणे से पधारे तबला वादन के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार पंडित अरविंद कुमार आज़ाद के तबले की अनुगूंज से पूरा सभागार लय में झुमने लगा। पंडित मिश्र के साथ गायन की संगति कर रहे रियलिटी शो सारेगमा के कलाकार किशन प्रकाश व रिषभ प्रकाश ने अपने गले की तैयारी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर सारंगी की संगति आजमगढ़ के आशीष कुमार मिश्र व हारमोनियम की संगति बनारस के संतोष मिश्र बखूबी करते हुए रंग भरा।

Ara Nagari Pracharini auditorium
Ara Nagari Pracharini auditorium

वहीं बनारस से पधारें कथक नर्तक विशाल कृष्ण ने कथक प्रस्तुति के प्रारंभ में शिव वंदना, बनारस घराने की खास खास बंदिशे प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। विशाल कृष्ण ने थाली पर घुंघरुओ की झनकार से दर्शको को आकर्षित किया। सम्मेलन के समापन में कथक नृत्यांगना आदित्या श्रीवास्तव एवं समूह ने नृत्य संरचना मीरा प्रस्तुत कर भाव विभोर कर दिया। इस संरचना में कथक नर्तक अमित कुमार नृत्यांगना सोनम कुमारी, संजना, शालिनी, हर्षिता, खुशी व मीनाक्षी ने मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किया।

कलाकारों को अध्यक्ष राममूर्ति प्रसाद, संरक्षक रंजीत बहादुर माथुर, उपाध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश राय, संगीत विदुषी विमला देवी ने प्रशस्ति पत्र, शॉल व पुष्पगुच्छ समेत संगीत भूषण समान प्रदान कर अलंकृत किया । मंच संचालन डॉ. रणविजय कुमार व धन्यवाद ज्ञापन गुरु बक्शी विकास ने किया। इस अवसर पर राणा प्रताप सिन्हा, कृष्णाजी, बीरेंद्र प्रसाद, विजय सिंह, अरुण सहाय, बाबू ललन जी की पुत्रवधु लीला सिंह, पौत्री नीरजा सिंह, डॉ. किरण कुमारी, झामन सिंह समेत कई संगीत रसिक उपस्थित थे।

Bijay singh
MD WASIM
MD WASIM
Journalist

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