Bhagwatpur murder case: झारखंड पुलिस हवलदार हत्याकांड: ड्रग्स एडिक्ट बेटे ने ही की थी पिता की हत्या, अनुकंपा पर नौकरी का लालच बना वजह
- हाइलाइट: Bhagwatpur murder case
- नौकरी के लिए ड्रग एडिक्ट बेटे ने की थी हवलदार की हत्या, दोस्त संग गिरफ्तार
- तकनीकी साक्ष्य और सीडीआर के जरिए कातिलों तक पहुंचने में सफल रही पुलिस
- हवलदार की ओर से ड्रग्स लेने का विरोध करने से भी नाराज चल रहा था बेटा
- षड़यंत्र के तहत हजारीबाग से दोस्त के साथ पहुंचा गांव और कर दी हत्या
- चांदी थाना क्षेत्र के भगवतपुर गांव में 19 दिसंबर की रात की गयी थी हवलदार की हत्या
आरा, बिहार: भोजपुर जिले के चांदी थाना क्षेत्र अंतर्गत भगवतपुर गांव में पिछले दिनों हुई झारखंड पुलिस के हवलदार पशुपति नाथ तिवारी की निर्मम हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। इस जघन्य अपराध के पीछे एक चौंकाने वाला सच सामने आया है, जहाँ हवलदार के इकलौते बेटे ने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या की थी। अनुकंपा के आधार पर नौकरी प्राप्त करने और पिता की डांट-फटकार से मुक्ति पाने का लालच इस पूरी साजिश का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
हजारीबाग पीसीआर में पदस्थ झारखंड पुलिस के हवलदार पशुपति नाथ तिवारी विगत 19-20 दिसंबर की रात अपने पैतृक गांव भगवतपुर में पत्नी के साथ अपने घर पर सो रहे थे। उसी दौरान धारदार हथियार से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी गई थी। 20 दिसंबर की सुबह हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और तत्काल तकनीकी एवं वैज्ञानिक तरीकों से जांच शुरू की गई।
पुलिसिया जांच में सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) विश्लेषण की अहम भूमिका रही। इसी विश्लेषण के क्रम में हजारीबाग निवासी मो. जीशान अहमद जिलानी का नाम सामने आया। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ प्रारंभ की, जिसके बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया। जीशान की निशानदेही पर बाद में हवलदार के इकलौते पुत्र विशाल कुमार तिवारी को भी हजारीबाग से गिरफ्तार कर लिया गया। हजारीबाग के लोसिंगना थाना क्षेत्र के नूरा हजारीबाग के लेख रोड निवासी ज़ीशान अहमद जिलानी और विशाल कुमार तिवारी को जिगरी दोस्त बताया जा रहा है। पुलिस की गहन पूछताछ में दोनों ने हवलदार पशुपति नाथ तिवारी की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
सदर एसडीपीओ-2, रंजीत कुमार सिंह ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि विशाल कुमार तिवारी ड्रग्स का आदी है। उसकी इस आदत से हवलदार पशुपति नाथ तिवारी बेहद परेशान रहते थे और अक्सर उसका विरोध करते थे। हाल ही में हवलदार ने गांव में करीब दो बीघे जमीन का एग्रीमेंट भी कराया था, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने बेटे विशाल को नहीं दी थी। इस बात को लेकर विशाल अपने पिता से पूरी तरह से खफा चल रहा था। इसी मानसिक स्थिति और अनुकंपा पर नौकरी पाने के लालच में उसने अपने दोस्त जीशान के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची। उसका मानना था कि पिता की हत्या के बाद उन्हें न केवल पिता की डांट-फटकार से मुक्ति मिल जाएगी, बल्कि उसे अनुकंपा पर सरकारी नौकरी भी मिल जाएगी।
हत्या को अंजाम देने के बाद, साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार और खून से सना जैकेट सोन नदी में फेंक दिया गया था। हालांकि, पुलिस द्वारा जुटाए गए तकनीकी साक्ष्य और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अपराध का हर पहलू अब साफ हो चुका है। एसडीपीओ रंजीत कुमार सिंह ने यह भी बताया कि इस पूरे हत्याकांड में हवलदार की पत्नी की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है। यदि जांच में उनकी संलिप्तता सामने आती है, तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
Bhagwatpur murder case : बाइक से हजारीबाग से गांव भगवतपुर आया और कर दी हत्या
एसडीपीओ रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि हजारीबाग निवासी कुतुबुद्दीन अहमद जिलानी के बेटे जीशान अहमद जिलानी ने बताया कि वेल्डर का काम करता है। ब्लिंकिट पर पार्सल पहुंचाने का काम करता है। हजारीबाग में आसपास घर होने की वजह से उसकी और विशाल से की 15 साल से अधिक की दोस्ती है। दोनों ड्रग्स के आदी थे। विशाल ने जीशान को बताया कि यह सब औरंगाबाद में सस्ते में मिलता है। उसे लेकर दोनों 19 दिसम्बर की शाम हजारीबाग से चले, लेकिन औरंगाबाद के बदले दोनों सीधे भगवतपुर गांव आ गए।
रात करीब डेढ़ बजे दोनों भगवतपुर पहुंचने के बाद घर के अहाते में घुसकर घर के पीछे के रास्ते से घर के अंदर प्रवेश कर गए। उसके बाद दोनों द्वारा सोए अवस्था में पशुपतिनाथ तिवारी की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी गई। उस दौरान विशाल कुमार तिवारी द्वारा अपने पिता के अंगूठे की अंगुली भी रेत दिया गया, कोई ताकि अंगूठे के निशान कोई नहीं ले सके। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों उसी रात बाइक से ही वापस हजारीबाग लौट गए। उस दौरान घटना में इस्तेमाल धारदार हथियार सहित अन्य सामान को सहार पुल से सोन नदी में फेंक दिया दिया गया।
दो साल से चल रही थी हत्या की साजिश, बहू ने दी थी सचेत रहने की सलाह
Bhagwatpur murder case: एसडीपीओ ने बताया कि घटना के बाद जांच तकनीकी साक्ष्य के आधार पर हत्याकांड की जांच शुरू की गयी, तो हजारीबाग के जीशान अहमद जिलानी का नाम सामने आया। उस आधार पर ईशान को हजारीबाग से पकड़ लिया गय। सख्ती से पूछताछ में जीशान द्वारा सारा राज उगल दिया गया। पूछताछ में जीशान ने बताया कि करीब दो साल से हवलदार पशुपतिनाथ तिवारी की हत्या की साजिश चल रही थी। हवलदार को रास्ते से हटाने को लेकर विशाल ने कई बार प्रयास किया गया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। इसी बीच 13 दिसंबर को चोरी की सूचना पर हवलदार अपनी पत्नी के साथ अपने गांव आ गए। वहां साजिश के तहत हवलदार की हत्या कर दी गयी।
बता दें कि शुक्रवार की रात भगवतपुर गांव निवासी स्व. रामसुरेश नाथ तिवारी के 59 वर्षीय पुत्र सह झारखंड पुलिस हवलदार घर में सो रहे थे। उसी दौरान अज्ञात अपराधियों द्वारा धारदार हथियार से उनकी गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। उनका दाहिने हाथ का अंगूठा भी काट लिया गया था। झारखंड के हजारीबाग में तैनात हवलदार पशुपति नाथ तिवारी घर में चोरी की सूचना पर रविवार को अपने गांव आये थे।


