Samrat Government: बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय का सूत्रपात हो रहा है। राज्य की सत्ता की बागडोर अब सम्राट चौधरी के हाथों में होगी।
- हाइलाइट: Samrat Government
- आज सुबह सुबह 10.50 बजे लोकभवन में शपथ
- सम्राट के साथ बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी भी लेंगे शपथ
पटना। बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय का सूत्रपात हो रहा है। राज्य की सत्ता की बागडोर अब सम्राट चौधरी के हाथों में होगी। सुबह 10 बजकर 50 मिनट पर लोकभवन में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही बिहार में सम्राट सरकार का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा। इस बदलाव के साथ ही बिहार में दो दशकों से चली आ रही नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सत्ता का युग संपन्न हो गया है।
Samrat Government: नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा
नये नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया मंगलवार को एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में संपन्न हुई। कार्यवाहक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिस पर सर्वसम्मति से सभी सदस्यों ने अपनी सहमति व्यक्त की। नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन से भेंट कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया, जिसे राज्यपाल ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
सम्राट भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने का कीर्तिमान भी स्थापित करेंगे
सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। इसके साथ ही वे राज्य में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बनने का कीर्तिमान भी स्थापित करेंगे। इस नई सरकार की संरचना भी अनूठी होगी, जिसमें जदयू कोटे से बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इस शपथ ग्रहण के बाद भी मंत्रिमंडल में 33 पद रिक्त रहेंगे, जिनके बारे में कयास लगाए जा रहे हैं कि बंगाल चुनाव के पश्चात मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा।
दिग्गज राजनेता शकुनी चौधरी के पुत्र है सम्राट
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर अत्यंत प्रभावशाली रहा है। 1968 में मुंगेर में जन्मे सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी स्वयं एक दिग्गज राजनेता रहे हैं। सम्राट ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत आरजेडी से की थी और राबड़ी सरकार में मंत्री पद भी संभाला। तत्पश्चात, जेडीयू और फिर 2017 में भाजपा में शामिल होकर उन्होंने अपनी राजनीतिक सक्रियता को नई दिशा दी। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी क्षमताएं सिद्ध करने के बाद, उन्होंने नीतीश सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया। कोइरी (कुशवाहा) समाज से आने वाले सम्राट चौधरी भाजपा के प्रमुख ओबीसी चेहरे के रूप में उभरे हैं।
बिहार की राजनीति में सम्राट युग की शुरुआत
सम्राट चौधरी का अनुभव व्यापक है; उन्होंने लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार और जीतन राम मांझी जैसे अनुभवी नेताओं के साथ काम किया है। पिछले कुछ वर्षों में अपनी संगठन क्षमता और मुखर नेतृत्व के चलते वे भाजपा के सबसे सशक्त चेहरे के रूप में स्थापित हुए। आज से वे न केवल राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालेंगे, बल्कि बिहार के भविष्य को एक नई दिशा देने का उत्तरदायित्व भी निभाएंगे। यह परिवर्तन बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत है, जिस पर राज्य की जनता की निगाहें टिकी हैं।
बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कौन हैं?
- सम्राट चौधरी बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनेंगे। 15 अप्रैल 2026 को सीएम पद की शपथ लेंगे।
- सम्राट का जन्म 1968 में मुंगेर में हुआ। इनके पिता शकुनी चौधरी भी दिग्गज राजनेता और सांसद रहे हैं।
- राजनीति की शुरुआत RJD से की और राबड़ी सरकार में मंत्री रहे। बाद में JDU और फिर 2017 में भाजपा में शामिल हुए।
- मुख्यमंत्री बनने से पहले वे बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री (वित्त मंत्री) रह चुके हैं।
- राज्य के प्रभावशाली कोइरी (कुशवाहा) समाज से आते हैं और बिहार में भाजपा के प्रमुख ओबीसी (OBC) चेहरा माने जाते हैं।


