INDIA Alliance Shahpur: बिहार की राजनीति में जुबानी जंग अक्सर तीखी होती है, इस दौरान पूर्व विधायक बीजेन्द्र यादव ने जदयू विधायक राधाचरण सेठ के आरोपों पर काफी आक्रामक पलटवार किया है।
- हाइलाइट: INDIA Alliance Shahpur
- सेठ जी जब बोलते थे तो उनके पैर कांपते थे
- भाषण देने की कला भी उन्होंने ही उन्हें सिखाई
आरा। बिहार विधान परिषद की भोजपुर-बक्सर स्थानीय निकाय सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव को लेकर शाहपुर में आयोजित महागठबंधन के बैठक के दौरान स्थानीय राजनीति में उस समय गरमाहट आ गई जब पूर्व विधायक बिजेंद्र यादव ने जदयू विधायक राधाचरण साह पर जमकर निशाना साधा। पुराने समय के ट्रक लूट कांड में जेल जाने से लेकर जलेबी बनाने तक को याद कराया। भोजपुर-बक्सर एमएलसी उपचुनाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, पूर्व विधायक ने राधाचरण साह के राजनीतिक कद और पिछली चुनावी जीत की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
INDIA Alliance Shahpur: भोजपुर में महागठबंधन की स्थिति बेहद मजबूत
मीडिया कर्मियों से बात करते हुए बिजेंद्र यादव ने कहा कि वर्तमान में महागठबंधन की लहर चल रही है और वार्ड सदस्यों, मुखियाओं व पंचायत प्रतिनिधियों का भारी समर्थन सोनू राय को मिल रहा है। उन्होंने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के योगदान को याद करते हुए कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में वार्ड सदस्यों को मतदान का अधिकार देने का श्रेय लालू यादव को ही जाता है, जिसके कारण आज जनप्रतिनिधियों में महागठबंधन के प्रति उत्साह है। उन्होंने दावा किया कि भोजपुर जिले में सहार से लेकर तरारी तक, सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में सोनू राय और महागठबंधन की स्थिति बेहद मजबूत है।
अपने बेटे कन्हैया की कसम खाकर क्यों नहीं बोलते सेठजी? : बीजेन्द्र यादव
बिहार की राजनीति में जुबानी जंग अक्सर तीखी होती है, इस दौरान पूर्व विधायक ने जदयू विधायक राधाचरण सेठ के आरोपों पर जिस तरह से पलटवार किया है, उसने राज्य की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। 2025 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि जिसे राधाचरण साह अपना प्रतिस्पर्धी बता रहे थे, वह उनका भतीजा था, न कि भाई। बिजेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव में असली विजेता उनका भतीजा दीपू राणावत ही था।
उन्होंने राधाचरण साह को चुनौती देते हुए कहा कि वे अपने बेटे कन्हैया की कसम खाकर कहें कि उस चुनाव में वे वास्तव में जीते थे। यादव ने दावा किया कि उस चुनाव में उनके भतीजे को विजेता घोषित कर बधाई दी गई थी, सेठजी भी अपनी हार स्वीकार कर दीपू को बधाई,आशीर्वाद देकर चले गए, लेकिन बाद में सरकार के दबाव में परिणाम बदल दिए गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राधाचरण साह जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि प्रशासनिक दबाव के चलते उस सीट से उनको सर्टिफिकेट मिला है।
जदयू से टिकट पर बोले बीजेन्द्र यादव
राधाचरण साह द्वारा यह कहने पर की उन्हे जदयू से टिकट दिलवाया था, इस पर बात करते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि वे राधाचरण साह से बहुत पहले से सक्रिय राजनीति में हैं और 2000 से 2010 तक सदन का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने राधाचरण साह को सीधे तौर पर एक कारोबारी करार देते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक साख और गतिविधियों से पूरा क्षेत्र वाकिफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके और राधाचरण साह के बीच का बुनियादी अंतर यह है कि वे पूरी तरह से जनसेवा में समर्पित रहे हैं, जबकि साह मुख्य रूप से कारोबारी हैं।
बिजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि राजनीति में उनका पदार्पण राधाचरण सेठ से पहले हुआ था। उन्होंने पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने खुद को जिला अध्यक्ष के रूप में स्थापित किया था, तब राधाचरण सेठ को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यादव के अनुसार, उस समय एक ट्रक लूट कांड में फंसने के बाद उन्होंने ही पैरवी करके उन्हें जेल से बाहर निकलवाया था। ऐसे में यह कहना कि राधाचरण सेठ ने उन्हें टिकट दिलवाया, पूरी तरह से बेबुनियाद है।
राजनीतिक माइलेज और सुर्खियों में बने रहने के लिए निराधार बयानबाजी
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग राजनीतिक माइलेज और सुर्खियों में बने रहने के लिए निराधार बयानबाजी करते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि आज जो लोग उनके खिलाफ बोल रहे हैं, भाषण देने की कला भी उन्होंने ही उन्हें सिखाई थी। उस दौर को याद करते हुए यादव ने कहा कि तब वे मंच पर जाने से डरते थे और जब बोलते थे तो उनके पैर कांपते थे, तब उन्होंने ही उनका हाथ पकड़कर उन्हें बोलना सिखाया था।
महागठबंधन और चुनाव रणनीति पर बात करते हुए बिजेंद्र यादव ने कहा कि विरोधी खेमा अपनी हार को भांप चुका है और अब ‘डमी कैंडिडेट’ का बहाना बनाकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मनोज उपाध्याय जैसे बागी उम्मीदवार या अन्य निर्दलीय प्रत्याशी उनके खिलाफ कोई चुनौती नहीं हैं, उन्होंने यह दोहराया कि इस बार का एमएलसी उपचुनाव महागठबंधन और सोनू राय के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और जीत सुनिश्चित है।
‘चरवाहा विद्यालय’ लालू प्रसाद यादव की एक क्रांतिकारी सोच थी
लालू प्रसाद यादव के ‘चरवाहा विद्यालय’ और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों पर भी बिजेंद्र यादव ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि चरवाहा विद्यालय का उद्देश्य गरीबों और भैंस चराने वाले बच्चों को शिक्षित करना था, जो लालू प्रसाद यादव की एक क्रांतिकारी सोच थी। उन्होंने लालू जी के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों, जैसे कि अनुमंडल, ब्लॉक का गठन और दियारा इलाकों में बने पुल-पुलियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये आज भी उनकी कार्यक्षमता के प्रमाण हैं। उन्होंने खुद को भी एक चरवाहा बताते हुए कहा कि हम सब उसी मिट्टी से निकलकर आए हैं, इसलिए इसमें कोई बुराई नहीं है।
महगठबंधन के प्रत्याशी सोनू राय की जीत तय
INDIA Alliance Shahpur: शाहपुर में बैठक के दौरान एमवाई (मुस्लिम-यादव) समीकरण का जिक्र करते हुए बिजेंद्र यादव ने कहा कि बिहार की राजनीति की धुरी इसी समीकरण पर टिकी है। उन्होंने महागठबंधन के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को सचेत करते हुए कहा कि जीत केवल एकजुटता से संभव है। यादव ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो लोग गठबंधन के सहयोग से जीतते रहे हैं, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि उनका आधार क्या है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे एकजुट रहें, क्योंकि इस उपचुनाव में महगठबंधन के प्रत्याशी सोनू राय की जीत तय है।


