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पेट्रोल पंपों की मनमानी: पूर्व विधायक ने की जिला प्रशासन से जांच की मांग

Petrol Pumps: भोजपुर जिले में पेट्रोल और डीजल की किल्लत और पेट्रोल पंपों की मनमानी के विरुद्ध पूर्व विधायक भाई दिनेश ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की

jay kumar
  • हाइलाइट: Petrol Pumps
  • जिले के सभी पेट्रोल पंपों की सघन जांच कराई जाए: भाई दिनेश

आरा, भोजपुर। जिले के विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर जगदीशपुर, पिरो और बिहिया जैसे प्रमुख स्थानों पर वर्तमान में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर उत्पन्न हुई स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। पिछले कुछ दिनों से इन क्षेत्रों के कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध न होने के बोर्ड लगाकर उन्हें बंद रखा जा रहा है। इस अनुचित कार्यप्रणाली के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

ईंधन की इस अनपेक्षित किल्लत के चलते दैनिक यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। स्कूली बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, मरीजों को अस्पताल ले जाने वाले वाहनों एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पेट्रोल पंपों द्वारा की जा रही यह मनमानी न केवल नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन है, बल्कि यह क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चुनौती है।

Petrol Pumps : भाई दिनेश ने कहा पेट्रोल पंपों की सघन जांच कराई जाए

ऐसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि कुछ पेट्रोल पंप संचालक जानबूझकर ईंधन का भंडारण कर रहे हैं, ताकि भविष्य में होने वाली किसी संभावित मूल्य वृद्धि या अन्य कारणों से अनुचित लाभ कमाया जा सके। यदि यह कृत्रिम किल्लत है, तो यह कृत्य कानूनन दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

पूर्व विधायक भाई दिनेश ने इस गंभीर समस्या पर जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा जगदीशपुर, पिरो एवं आरा के अनुमंडल पदाधिकारियों से मांग की है कि इस जनहित के विषय पर अविलंब निम्नलिखित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रथम, जिले के सभी पेट्रोल पंपों की सघन जांच कराई जाए। इस दौरान पंपों के स्टॉक रजिस्टर और तेल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाना अनिवार्य है।

द्वितीय, यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि किसी पेट्रोल पंप पर पर्याप्त मात्रा में तेल उपलब्ध होने के बावजूद जानबूझकर बिक्री बंद रखी गई है, तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसमें लाइसेंस निलंबन जैसी दंडात्मक कार्यवाही भी शामिल होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी संचालक जनहित के साथ खिलवाड़ करने का साहस न करे।

तृतीय, जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि आम नागरिकों को पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति प्राप्त हो सके। जिला स्तर पर एक निगरानी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए ताकि आपूर्ति शृंखला में पारदर्शिता बनी रहे।

Bijay singh
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