Javainiya Rehabilitation Case: जवइनियां पुनर्वास मामला: वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर मुख्य सचिव से उच्च स्तरीय जांच की मांग
- हाइलाइट: Javainiya Rehabilitation Case
- भ्रष्टाचार उजागर करने पर प्रशासन से भरत तिवारी का हुआ था विवाद
आरा। भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी से जुड़े घटनाक्रम के बीच अब जवइनियां के विस्थापितों के पुनर्वास में कथित भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बिहार के मुख्य सचिव को एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंपा है। पत्र में पुनर्वास योजना के दौरान हुई कथित वित्तीय गड़बड़ियों की अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।
Javainiya Rehabilitation Case : बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की बात
शिकायत पत्र में अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि विस्थापितों के पुनर्वास के नाम पर सरकार द्वारा खर्च किए गए करोड़ों रुपये का सही सदुपयोग नहीं हुआ। आरोप है कि विस्थापित परिवारों को व्यवस्थित जमीन देने के बजाय गड्ढेनुमा भूमि पर बसाया गया, जिससे उनके सामने रहने का संकट पैदा हो गया। इसके अलावा, पुनर्वास स्थल पर चापाकल, आवास योजना और अन्य विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की बात कही गई है।
गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठा रहे थे भरत भूषण तिवारी
भरत भूषण तिवारी के प्रयासों का जिक्र करते हुए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वे लंबे समय से इन गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। आरटीआई के माध्यम से उन्होंने योजना से जुड़े दस्तावेज जुटाकर कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने की कोशिश की थी, जिसके चलते उनका स्थानीय प्रशासन से विवाद भी हुआ था। अब उनके मामले के साथ ही पुनर्वास में हुई कथित धांधली की जांच की मांग भी जोर पकड़ रही है।
साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका
निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शिकायतकर्ता ने आग्रह किया है कि जांच पूरी होने तक जगदीशपुर के एसडीओ और शाहपुर के सीओ को उनके पद से हटाया या स्थानांतरित किया जाए। अधिवक्ता का तर्क है कि अधिकारियों के पद पर बने रहने से सरकारी अभिलेखों और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी रहती है।
महापंचायत में भी गूंजा था विस्थापितों का मुद्दा
गौरतलब है कि 24 jun 2026 को बिलौटी के कुड़वा शिव मंदिर परिसर में आयोजित महापंचायत के दौरान भी विस्थापितों के पुनर्वास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। अब मुख्य सचिव को भेजी गई इस शिकायत ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। संबंधित पत्र की प्रतियां सामान्य प्रशासन विभाग के लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भी भेज दी गई हैं, जिससे इस मामले पर अब प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अधिवक्ता ने इस मामले की समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है।




