Bharat Tiwari family – आरा एनकाउंटर मामला: भरत भूषण तिवारी के परिजनों का सरकार को अल्टीमेटम, न्याय के लिए 09 जुलाई से शुरू होगा संघर्ष
- हाइलाइट: Bharat Tiwari family
- आरा के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में ताजा अपडेट
- भरत भूषण तिवारी के परिजनों ने दिया सरकार को अल्टीमेटम
- 8 जुलाई तक न्याय की मांग, वरना 09 जुलाई से भूख हड़ताल
- दिल्ली के जंतर मंतर हस्ताक्षर अभियान में शामिल होगा परिवार
आरा। भोजपुर के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में एक ताजा अपडेट सामने आया है। जिसके बाद हड़कंप मच गया है। घटना के करीब 17 दिन बाद भरत तिवारी की मां आशा देवी और बहन नुरी देवी ने एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर बातचीत में बहन और मां ने कहा कि उनकी मांगों पर सरकार यदि विचार नहीं करती है, तो वे लोग आमरण अनशन पर बैठेंगे। विदित रहे की 17 जून को भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर हथियार डाल दिए थे, जिसके बावजूद पुलिस द्वारा उन्हे गोली मार दी गई थी।
Bharat Tiwari family : मामले में शामिल अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग
न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने अब सरकार को 8 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है। परिवार का स्पष्ट कहना है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आमरण अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।
परिजनों ने मामले में शामिल अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। इसमें जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार, डीएसपी राजेश कुमार शर्मा, एसएचओ राजेश मालाकार, अंकित आर्यन, एसआई सच्चिदानंद यादव और एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार का नाम प्रमुखता से लिया गया है।
पीड़ित परिवार से आज मुलाकात करेंगे मंत्री अशोक चौधरी
परिजनों के अनुसार, जब तक इन सभी को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे। भरत तिवारी की मां ने दोषी पुलिस कर्मियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। लगातार भरत तिवारी के घर पर नेताओं का आना जारी है। आज रविवार को बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी भी करीब 12 बजे बिलौटी पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे।
सुरक्षा का मुद्दा और परिवार का डर
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मां आशा देवी ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की। उन्होंने बताया कि उनके घर के आसपास देर रात बिना नंबर प्लेट की गाड़ियां देखी जा रही हैं, जिससे पूरा परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है। इसके अतिरिक्त, परिजनों ने गांव के निर्दोष युवाओं पर दर्ज किए गए फर्जी मुकदमों को वापस लेने की भी मांग की है। उनका आरोप है कि घटना के बाद 14 ज्ञात और 50 अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया गया है।
दिल्ली तक गूंजेगी न्याय की आवाज
भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मुहिम अब राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी है। परिजन 17 जुलाई को दिल्ली जंतर-मंतर पर एक बड़े हस्ताक्षर अभियान में शामिल होंगे। इस अभियान के माध्यम से वे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग करेंगे। फिलहाल, सबकी निगाहें 8 जुलाई की समय सीमा पर टिकी हैं, क्या इस मामले में शामिल अधिकारियों की गिरफ़्तारी होंगी?




