Pakdi Chowk in Ara: आरा शहर के ऐतिहासिक पकड़ी चौक का नाम बदलकर ‘सेवा ज्योति चौक’ किए जाने की घोषणा के बाद स्थानीय स्तर पर काफी विरोध।
- हाइलाइट: Pakdi Chowk in Ara
- महापौर इंदु देवी की भूमिका पर उठे सवाल
कहा:भाजपा नेत्री के तौर पर शामिल हुई थीं
आरा। भोजपुर के आरा शहर स्थित पकड़ी चौक का नाम बदलकर ‘सेवा ज्योति चौक’ किए जाने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भोजपुर भाजपा की ओर से ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली गई थी। यात्रा के समापन पर पकड़ी चौक का नाम बदलकर ‘सेवा ज्योति चौक’ करने की घोषणा की गई।
भोजपुर भाजपा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के कई नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। आरा नगर निगम की महापौर इंदु देवी भी कार्यक्रम में मौजूद थीं। यात्रा नागरी प्रचारिणी सभागार से शुरू होकर शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए पकड़ी चौक पहुंची, जहां नामकरण की घोषणा की गई।
घोषणा के बाद स्थानीय स्तर पर इसका विरोध सामने आया है। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि पकड़ी चौक आरा शहर की पुरानी और स्थापित पहचान है। ऐसे में इसका नाम बदलने से पहले स्थानीय लोगों की राय लेने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रिया को भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
Pakdi Chowk in Ara : महापौर का पुतला भी बनाया गया
स्थानीय लोगों ने शहर की सड़क, साफ-सफाई व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाते कहा कि किसी चौक का नाम बदलने से शहर का विकास किस तरह होगा। विरोध के दौरान भाजपा और नगर निगम की महापौर इंदु देवी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शनकारियों की ओर से महापौर का पुतला भी बनाया गया था।
विवाद के बीच महापौर इंदु देवी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि नामकरण कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी से नगर निगम की भूमिका को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी है।
हालांकि, महापौर इंदु देवी ने वीडियो जारी कर कहा है कि पकड़ी चौक के नामकरण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कार्यक्रम में नगर निगम की महापौर के रूप में नहीं, बल्कि भाजपा नेत्री के तौर पर शामिल हुई थीं।






