Vedas: आरा के संभावना आवासीय उच्च विद्यालय में सनातनी गंगा फाउंडेशन, भोजपुर के तत्वावधान में वैदिक दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने वेदों को मानव जीवन, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति का आधार बताते हुए वैदिक मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया।
- हाइलाइट:Vedas
- जीवन जीने की शैली प्रदान करते हैं वेद-डाॅ.अर्चना सिंह
- वैदिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान” विषय पर प्रतियोगिता
- सुप्रसिद्ध गायक रविंद्र जैन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
Vedas आरा। वेद ज्ञान, जीवन मूल्यों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का मार्ग दिखाते हैं। वेदों के सिद्धांतों को जीवन में उतारकर ही भारत को विश्वगुरु बनाया जा सकता है। यह बातें सनातनी गंगा फाउंडेशन के संरक्षक और वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के पूर्व कुलपति आचार्य धर्मेंद्र तिवारी ने शुक्रवार को कहीं।
शहर के शुभ नारायण नगर, मझौंवा स्थित ‘शांति स्मृति’ संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के जुबली हॉल में सनातनी गंगा फाउंडेशन, भोजपुर के तत्वावधान में वैदिक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता फाउंडेशन की अध्यक्ष सह संभावना आवासीय उच्च विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने की।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि आचार्य धर्मेंद्र तिवारी, अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह, महासचिव शंभू चौरसिया, सचिव डॉ. कृष्ण कुमार, राम कुमार सिंह और राम अनुज सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विद्यालय की छात्राओं ने वैदिक गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस अवसर पर डॉ. अर्चना सिंह ने मुख्य अतिथि आचार्य धर्मेंद्र तिवारी को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
Vedas: वेदों के मूल्यों को जीवन में उतारने की अपील
मुख्य अतिथि आचार्य धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि वेद ज्ञान और तत्व का मार्ग हैं। वे व्यक्ति को बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए वेदों के मूल सिद्धांतों को जीवन में उतारना आवश्यक है।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि मनुष्य का जीवन प्रकृति और पर्यावरण पर निर्भर है। वेदों में वृक्षों और प्रकृति के संरक्षण की परंपरा बताई गई है। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। उन्होंने वेद मंत्रों में वर्णित अंतरिक्ष, पृथ्वी और वनस्पतियों की शांति की भावना को जीवन में अपनाने की अपील की।
आचार्य तिवारी ने कहा कि आज के समय में लोग दूसरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना भूलते जा रहे हैं। हमें अपने जीवन में कृतज्ञता का भाव बनाए रखना चाहिए और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझना चाहिए।
वेद मानव जीवन के ज्ञान का भंडार: डॉ. अर्चना सिंह
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि वेद मानव जीवन के ज्ञान का भंडार हैं। इनमें भारतीय संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली इतिहास का समावेश है। उन्होंने कहा कि चारों वेद मनुष्य को जीवन जीने की शैली प्रदान करते हैं।
डॉ. सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक विज्ञान के विकास से पहले भी भारत में ज्ञान-विज्ञान की समृद्ध परंपरा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को जानने का आह्वान किया।
भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित
वैदिक दिवस के अवसर पर छात्र-छात्राओं के बीच ‘वैदिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके साथ ही चित्रकला प्रतियोगिता भी हुई।
भाषण प्रतियोगिता में आराध्या कुमारी ने प्रथम, हार्दिक आनंद ने द्वितीय और शिवम कुमार तिवारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, चित्रकला प्रतियोगिता में वाणी कुमारी प्रथम, श्रावणी कुमारी द्वितीय और राधिका कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं।
मुख्य अतिथि आचार्य धर्मेंद्र तिवारी और प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने विजेता छात्र-छात्राओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन सनातनी गंगा फाउंडेशन के मीडिया प्रभारी आनंद कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन फाउंडेशन के सचिव डॉ. कृष्ण कुमार ने किया। कार्यक्रम के अंत में सुप्रसिद्ध गायक रविंद्र जैन की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
समारोह में सनातनी गंगा फाउंडेशन के संदीप कुमार, विकास कुमार सिंह, राम अनुज सिंह, विष्णु शंकर, प्रतिमा सिंह, रामायण उपाध्याय, डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।







