Sunday, June 26, 2022
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भोजपुर में दवा के प्रयोग से लगभग 25 हजार टिड्डियों का हुआ खात्मा

आरा। रेगिस्तानी टिड्डी दल ने शनिवार को रोहतास जिले से भोजपुर जिला में प्रवेश किया। टिड्डियो के प्रवेश की सूचना मिलते ही कृषि विभाग के सभी पदाधिकारी एवं कर्मियो के द्वारा टिड्डी दलो को रोकने हेतु आवश्यक सभी प्रयास किए गए। लगभग 1 लाख टिड्डी दल द्वारा भोजपुर में घुसने के उपरांत तरारी प्रखंड के सिकरहट्टा पंचायत में रात्रि विश्राम के दौरान जिलास्तर से गठित दो दल जिसमें कृषि समन्वयक, पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक एवं कामदार की टीम बनाकर आवश्यक कीटनाशी, पीपीई कीट, मास्क, ग्लब्स, अग्निशमन यंत्र के साथ स्थल पर पहुचकर टिड्डियो के विश्राम के दौरान दवा के प्रयोग से लगभग 25000 टिड्डियों को मारा गया।

जनहित के समस्याओं का निराकरण कर मूलभूत सुविधाओं को बहाल करना मुख्य उद्देश्य-हुलास पांडेय

तरारी प्रखंड के सिकरहट्टा पंचायत में रात्रि विश्राम के दौरान मारे गये टिड्डी

बीते रात्री 11 बजे अपराहन से पूर्वाह्न 4 बजे तक चलाया गया अभियान

शनिवार को रोहतास से भोजपुर जिले में प्रवेश किया था करीब एक लाख टिड्डियों का दल

भोजपुर में दवा के प्रयोग से लगभग 25 हजार टिड्डियों का हुआ खात्मा

उक्त अभियान रात्री 11 बजे अपराहन से पूर्वाह्न 4 बजे तक चलाया गया। तत्पश्चात टिड्डी दल तरारी प्रखंड को छोड़कर भाग गए। वर्तमान में टिड्डीयो से किसी प्रकार की क्षति की सूचना प्राप्त नहीं है। गठित दल में प्रदीप कुमार, कृषि समन्वयक, शत्रुघन सिन्हा, पौधा संरक्षक पर्यवेक्षक सर्वजीत राय, कामदार, अशोक कुमार यादव, कृषि समन्वयक, सच्चिदानंद पाण्डेय, पौ. सं. पर्यवेक्षक, उमेश सिंह, कामदार, सुरेन्द्र सिंह, कामदार उपस्थित थे। दल का नेतृत्व स्वयं संजय नाथ तिवारी, जिला कृषि पदाधिकारी, भोजपुर द्वारा किया गया। इनके सहयोग में उप परियोजना निदेशक, आत्मा राणा राजीव रंजन कुमार भोजपुर भी स्थल पर उपस्थित थे।

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जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा टिड्डी दलो के प्रवेश को देखते हुए सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, किसान सलाहकार/कृषि समन्वयको को पंचायत मुख्यालय में उपस्थित रहते हुए निगरानी रखने का निदेश दिया गया है साथ ही टिड्डी दलो को भगाने हेतु बताया गया कि टिड्डी दल प्रायः दिन डुबने के समय किसी न किसी पेड़-पौधे पर दिन निकलने तक आश्रय लेती है। अतः कृषि रक्षा रसायनो यथा Chlornyriphos 20% EC, Deltamethrin 2.8 % EC, Fipronil 5 % EC, Lambda Cyhalothrin 5 % EC छिडकाव रात में कराया जाय। इसके अतिरिक्त टिड्डी दल आवाज से धबराते है। इस लिए आवश्यक होगा की किसान बंधु ढोल, नगाडे, थाली एवं पटाखे बजा कर टिड्डी दलो को भगाये।

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KRISHNA KUMAR
Journalist
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