Monkey Menace Shahpur: आम नागरिकों की इन समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए शाहपुर नगर पंचायत प्रशासन ने बंदर पकड़ने वाली पेशेवर टीम की सेवाएं ली हैं।
- हाइलाइट: Monkey Menace Shahpur
- शाहपुर नगर पंचायत में बंदरों के आतंक पर बड़ी कार्रवाई
- पेशेवर टीम ने दो दिनों में 200 से अधिक बंदर पकड़े
आरा। शाहपुर नगर पंचायत क्षेत्र के निवासियों के लिए पिछले कुछ समय से बंदरों का बढ़ता उपद्रव एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ था। सरकारी कार्यालयों से लेकर रिहायशी इलाकों तक बंदरों के झुंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए शाहपुर नगर पंचायत प्रशासन ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के उद्देश्य से एक व्यापक और विशेष अभियान का शुभारंभ किया है।
Monkey Menace Shahpur : बंदरों के झुंड द्वारा उत्पात
बंदरों द्वारा मचाया जा रहा उत्पात केवल एक असुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा का एक बड़ा प्रश्न बन गया था। नगर के विभिन्न मोहल्लों, सरकारी दफ्तरों, प्रखंड कार्यालय, शाहपुर थाना परिसर और विशेष रूप से रेफरल अस्पताल के आसपास बंदरों की बढ़ती संख्या ने लोगों का जीना दूभर कर दिया था। अस्पताल में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों, सरकारी कर्मचारियों और राहगीरों के लिए प्रतिदिन का सफर जोखिम भरा हो गया था। बंदरों के झुंड न केवल घरों में घुसकर खाद्य सामग्री नष्ट कर रहे थे, बल्कि महिलाओं और बच्चों पर झपट्टा मारकर उन्हें चोटिल भी कर रहे थे।
दो दिनों में 200 से अधिक बंदर पकड़े गए
आम नागरिकों की इन समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए नगर पंचायत प्रशासन ने बंदर पकड़ने वाली पेशेवर टीम की सेवाएं ली हैं। इस विशेष दल ने पिछले दो दिनों से युद्धस्तर पर अभियान चला रखा है। अब तक की कार्रवाई में 200 से अधिक बंदरों को सफलतापूर्वक पकड़ा जा चुका है। प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, इन बंदरों को किसी भी प्रकार की हानि पहुँचाए बिना पूरी मानवीय संवेदनशीलता के साथ पकड़ा जा रहा है और उन्हें नगर से दूर घने जंगलों में छोड़ा जा रहा है। इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि छोड़े गए स्थान से उनकी रिहायशी इलाकों में वापसी की संभावना नगण्य हो।
शाहपुर को बंदरों के आतंक से मुक्त किया जाएगा: जयनंदन चौधरी
नगर पंचायत के कनीय अभियंता जयनंदन चौधरी ने इस अभियान के संबंध में बताया कि विभिन्न वार्डों से लगातार बंदरों के आतंक को लेकर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। लोगों का अपने घरों की छतों पर जाना या बाहर निकलना भी असुरक्षित महसूस हो रहा था। प्रशासनिक दृष्टिकोण से जन सुरक्षा सर्वोपरि है, इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से यह कदम उठाया है। नपं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नगर क्षेत्र को पूरी तरह से बंदरों के आतंक से मुक्त किया जाएगा।

