Ara famous: आरा की सांस्कृतिक धरा पर ठाकुरबाड़ी की संगीत परंपरा एक शताब्दी से भी अधिक समय से अपनी सुरमयी सुगंध बिखेर रही है। ठाकुरबाड़ी में आयोजित छः दिवसीय संगीत समारोह ने न केवल इस प्राचीन विरासत को पुनर्जीवित किया, बल्कि शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी के माध्यम से एक नई पहचान भी दी। यह आयोजन संगीत प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं था, जहाँ हर शाम भक्ति और सुरों के अद्भुत संगम में डूबी रही।
समारोह की प्रत्येक संध्या का आरंभ भगवान राम की दिव्य आरती और श्रृंगार के साथ हुआ, जिसने उपस्थित दर्शकों के मन में भक्ति का गहरा भाव जगाया। इसके उपरांत, शास्त्रीय संगीत की सरिता प्रवाहित हुई, जिसमें युवा प्रतिभाओं और स्थापित कलाकारों ने अपनी साधना से वातावरण को लयात्मक बना दिया।
Ara famous: आदित्या श्रीवास्तव की सर्प चाल मुद्राओं की आकर्षक प्रस्तुति
समापन सत्र अत्यंत भव्य रहा, जिसमें प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना आदित्या श्रीवास्तव की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र बनी। उन्होंने भगवान राम की वंदना जय-जय-जय रघुबीर त्रिपुरारी के साथ कथक की शुरुआत की और तीनताल में पारम्परिक बोलों के साथ-साथ सर्प की चाल और क्रिकेट के खेल जैसी अनूठी मुद्राओं को पेश कर दर्शकों को चकित कर दिया। ठुमक चलत राम चंद्र बाजत पैजानिया पर प्रस्तुत राम के बाल रूप और कौशल्या के वात्सल्य भाव ने दर्शकों की आंखों को नम कर दिया।
संगीत के मंच पर तबले की थाप से डॉ. लाल बाबू निराला और शिवनंदन प्रसाद श्रीवास्तव ने जान फूंक दी, तो वहीं महेश यादव ने राग जौनपुरी के माध्यम से समां बांध दिया। इस समारोह की सफलता में विदुषी बिमला देवी, श्रेया पांडेय, अजीत पांडेय, आरोही, सागर और चांदनी के सुरों का विशेष योगदान रहा। साथ ही, हर्षिता विक्रम, सिद्धि आनंद, सोमी सोनी, शान्वी सोनी और राका श्रीवास्तव के कथक नृत्य ने कला प्रेमियों से खूब तालियां बटोरीं।
आरा पुनः अपने पुराने गौरव की ओर
समारोह के समापन सत्र का उद्घाटन करते हुए प्रख्यात तबला वादक राणा प्रताप सिन्हा ने कहा कि ठाकुरबाड़ी की संगीत परंपरा एक शताब्दी से भी ज्यादा प्राचीन है। उन्होंने आरा की ऐतिहासिक और समृद्ध संगीत पृष्ठभूमि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान पीढ़ी की साधना को देखकर यह विश्वास दृढ़ होता है कि आरा पुनः अपने पुराने गौरव को प्राप्त करेगा।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका स्मिता सिंह ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर ट्विंकल केशरी द्वारा किया गया। इस आयोजन में डॉ. ममता मिश्रा, डॉ. किरण कुमारी, जनमजय ओझा, कृष्णा यादव कृष्नेंदु, अनिल सिन्हा, सुशील देहाती और अमित रंजन सहित शहर के कई प्रबुद्ध नागरिक और संगीत प्रेमी उपस्थित थे।


