Badi Mathiya Ara: सोहर-बधाई गीतों से गूंजा बड़ी मठिया मंदिर परिसर, संगीत और नृत्य प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को किया मंत्रमुग्ध, हजारों भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद
- हाइलाइट: Badi Mathiya Ara
- श्रीकृष्ण छठीहार महोत्सव में भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम
आरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बुधवार को शहर के प्रसिद्ध श्री हनुमान मंदिर, बड़ी मठिया के प्रांगण में भव्य श्रीकृष्ण छठीहार महोत्सव का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, लोक-संस्कृति और संगीत से ओत-प्रोत इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर परिसर में देर रात तक भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।
महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों से आए मंगलामुखियों ने पारंपरिक सोहर और बधाई गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। गीत-संगीत के साथ उन्होंने आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियां भी दीं। उनकी प्रस्तुतियों पर मंदिर परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस दौरान महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक तालियां बजाकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया।
कार्यक्रम में शामिल युवा कलाकारों ने भी अपनी संगीतमय प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। भक्ति गीतों, लोकधुनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए और बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम का आनंद लिया।
Badi Mathiya Ara : शाम सात बजे शुरू हुआ कार्यक्रम रात्रि 12 बजे तक चलता रहा
श्रीकृष्ण छठीहार महोत्सव में मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। शाम सात बजे शुरू हुआ कार्यक्रम रात्रि 12 बजे तक चलता रहा। देर रात तक श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में आना-जाना जारी रहा।
महोत्सव के दौरान हजारों की संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए तथा प्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद वितरण के लिए भी व्यापक व्यवस्था की गई थी। भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजन में भाग लिया और भगवान श्रीकृष्ण से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
सत्य, धर्म, प्रेम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा
यह आयोजन पूज्य अयोध्यानाथ स्वामी जी के मंगलानुशासन तथा रामकिंकर दास जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर अयोध्यानाथ स्वामी जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को सत्य, धर्म, प्रेम और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और धर्म की स्थापना का संदेश दिया।
उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में प्रेम, भाईचारा, सद्भाव और सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत किया जाता है। महोत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

