Bakshi Kuldeep आरा। स्थानीय महाजन टोली स्थित शिवादी क्लासिक सेंटर ऑफ आर्ट एंड म्युजिक के कलाकक्ष में तीन दिवसीय शास्त्रीय संगीत संध्या का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के प्रथम संध्या को संगीत द्वारक लीजेंड बक्शी कुलदीप नारायण सिन्हा (Bakshi Kuldeep) को समर्पित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ एक युवा संगीतज्ञों ने स्व. बक्शी कुलदीप नारायण सिन्हा के चित्र पर माल्यार्पण किया। वही शास्त्रीय संगीत जगत की विदुषी गायिका बिमला देवी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर स्व. कुलदीप नारायण के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बिमला देवी ने कहा कि बिहार के चर्चित संगीत द्वारकों में बक्शी कुलदीप का नाम उल्लेखनीय है। स्व. बक्शी जी एक महान संगीत द्वारक थे, जिन्होंने आरा में शास्त्रीय संगीत के कई उच्च स्तरीय आयोजन किये एवं यहाँ की संगीत परंपरा को समृद्ध में बहुमुल्य योगदान दिया।
कार्यक्रम में विदुषी बिमला देवी ने दादरा “लागी गइले नैहरवा में दाग धूमिल भईली” व “सुंदर साड़ी मोरी मायके में मैल भई” समेत कई बंदिशों को प्रस्तुत कर समां बाँधा। वही युवा तबला वादक सूरज कांत पांडे ने स्वतंत्र तबला वादन में उठान, बाँट, कायदा, रेला, गत व फर्द प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस संध्या की अंतिम प्रस्तुति में कथक नृत्यांगना आदित्या ने शुद्ध कथक एवं ठुमरी पर भाव अभिनय के प्रदर्शन से वाहवाही लूटी। संचालन गुरु बक्शी विकास एवं धन्यवाद ज्ञापन सुशील देहाती ने किया।

