Youth Music Conference: डॉ. जया जैन शैक्षणिक एवं सामाजिक कल्याण ट्रस्ट द्वारा स्वर्गीय सनमत कुमार जैन की स्मृति में युवा संगीत सम्मेलन का भव्य आयोजन।
- हाइलाइट: Youth Music Conference
- गरिमामयी समारोह का उद्घाटन गणमान्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
आरा। कला, संस्कृति और विशेषकर शास्त्रीय संगीत के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, डॉ. जया जैन शैक्षणिक एवं सामाजिक कल्याण ट्रस्ट ने स्वर्गीय सनमत कुमार जैन की पावन स्मृति में एक भव्य युवा संगीत सम्मेलन का आयोजन किया। यह आयोजन संगीत के प्रति स्वर्गीय सनमत कुमार जैन के अतुलनीय योगदान को स्मरण करने और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के साथ ही युवा प्रतिभाओं को शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में एक सुदृढ़ मंच प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया।
इस गरिमामयी समारोह का उद्घाटन गणमान्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। उद्घाटन मंडल में श्री अभय जैन, श्री धीरेंद्र कुमार जैन, डॉ. कमल सिंह, ट्रस्ट की अध्यक्षा डॉ. जया जैन और प्रतिष्ठित शिक्षाविद् प्रो. डॉ. दिवाकर पांडेय उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने सर्वप्रथम स्वर्गीय सनमत कुमार जैन के तैलचित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर माल्यार्पण किया, इस भावपूर्ण पल ने पूरे वातावरण को संगीतमय श्रद्धांजलि के साथ और अधिक पवित्र बना दिया।
इस अवसर पर डॉ. लालबाबू निराला ने उठान, खंड जाती का कायदा एवं चयन, रेला व बांट सुनाकर बनरास के संगीत की खुशबु बिखेरी। वही युवा शहनाई वादक मो. पंजतन ने राग मधुवंती, खमाज धुन व कजरी सुनाकर बिस्मिल्लाह खां को स्मृति पटल पर जीवंत कर दिया। वही युवा शास्त्रीय गायक श्री वैभव देव ने राग पूरिया धनाश्री में झपताल की बंदिश “गुरु के चरण परस तब गुण आवे” तीनताल मध्य लय में निबद्ध बंदिश “सुमिरन करो मन राम नाम को” एवं भजन “जगत में झूठी देखी प्रीत” प्रस्तुत कर समां बाँधा।
Youth Music Conference: कथक नृत्यांगना आदित्या श्रीवास्तव ने दर्शकों को किया भाव विभोर
वही कथक नृत्यांगना आदित्या श्रीवास्तव, खुशी कुमारी गुप्ता व कथक नर्तक अमित कुमार ने कथक श्रीराम स्तुति, तीन ताल में पारंपरिक कथक प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। वही आदित्या श्रीवास्तव व अमित कुमार द्वारा प्रस्तुत कथानक सीता हरण के मार्मिक भाव ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। खुशी कुमारी गुप्ता के घुंघरुओं की झनकार ने दर्शकों को झंकृत कर दिया। अनिष अनु के तबले की थाप व अजीत पांडेय के स्वरों ने सतरंगी छटा बिखेरी।
संचालन सचिव आशीष कुमार जैन व धन्यवाद ज्ञापन गुरु बक्शी विकास ने किया। युवा कला साधकों को डॉ. नंद जी दुबे, डॉ. किरण कुमार, इंदु राय, जनमेजय ओझा, कृष्ण यादव कृष्नेंदु, राणा प्रताप सिन्हा व अन्य ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य संगीत रसिक उपस्थित थे।

