Homeसंगीततारीखें आती जाती हैं, किंतु क्षण यादगार हो जाते है-ममता मिश्रा

तारीखें आती जाती हैं, किंतु क्षण यादगार हो जाते है-ममता मिश्रा

Mahajan Toli Arrah: आरा के सांस्कृतिक पटल पर एक अविस्मरणीय छाप छोड़ गया शिवादी क्लासिक सेंटर द्वारा आयोजित दो दिवसीय संगीत-नृत्य समारोह

  • हाइलाइट: Mahajan Toli Arrah
    • आरा में शिवादी क्लासिक सेंटर ने दो दिवसीय संगीत-नृत्य समारोह से सांस्कृतिक छटा बिखेरी

आरा, महाजन टोली स्थित शिवादी क्लासिक सेंटर ऑफ आर्ट एंड म्युजिक के तत्वावधान में एक दो दिवसीय भव्य संगीत-नृत्य समारोह का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन वर्ष 2025 की विदाई और वर्ष 2026 के स्वागत के उद्देश्य से किया गया, जिसमें शास्त्रीय संगीत जगत के प्रतिभावान कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

समारोह की प्रथम संध्या का उद्घाटन प्रख्यात कवयित्री डॉ. ममता मिश्रा ने किया। इस अवसर पर अपने उद्बोधन में डॉ. ममता ने प्रकृति के सनातन चक्र का उल्लेख करते हुए कहा कि, “प्रकृति का चक्र अपने लय में घूम रहा है। तारीखें आती जाती हैं, किंतु क्षण यादगार हो जाते हैं।” उनके प्रेरणादायी शब्दों ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया।

संगीत संध्या का आरंभ सुविख्यात तबला वादक डॉ. लालबाबू निराला के स्वतंत्र तबला वादन से हुआ। उन्होंने बनारस का बाट, चलन और गत प्रस्तुत कर श्रोताओं को ताल और लय की अनूठी दुनिया में ले गए, जिससे पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा।

इसके पश्चात, युवा गायक अजीत पांडेय और श्रेया पांडेय ने अपनी मधुर आवाज से समां बांधा। उन्होंने राग शुद्ध कल्याण में विलंबित एकताल की बंदिश “बोलन लागी रे पपीहरी” और तीनताल मध्य लय की बंदिश “बाजो रे बाजो रे मंदलरा” का मनमोहक गायन किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राग मारू विहाग की ठुमरी “सैयाँ तूने झगड़े में रैन गवाई” और दादरा “साँवरिया तोरे संग लागली नजरिया” प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

नृत्य की प्रस्तुतियों में श्री अमित कुमार ने कथक का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत “डिमिक-डिमिक डमरू कर बाजे प्रेम मगन नाचे भोला” से की। तीनताल में उपज, उठान, आमद, परन, तिहाई व लरी सहित कथानक प्रस्तुत कर उन्होंने दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं।

समारोह की संयोजिका स्नेहा पांडेय ने बताया कि द्वितीय संध्या में विदुषी बिमला देवी ठुमरी दादरा की प्रस्तुति देंगी, वहीं कथक नृत्यांगना खुशी कुमारी गुप्ता कथक नृत्य से अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। कार्यक्रम का कुशल संचालन गुरु बक्शी विकास ने किया, और आदित्या श्रीवास्तव ने उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों एवं कलाकारों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। यह दो दिवसीय समारोह आरा के सांस्कृतिक पटल पर एक अविस्मरणीय छाप छोड़ गया।

KRISHNA KUMAR
KRISHNA KUMAR
बिहार के आरा निवासी डॉ. कृष्ण कुमार एक भारतीय पत्रकार है। डॉ. कृष्ण कुमार हिन्दी समाचार खबरें आपकी के संपादक एवं न्यूज पोर्टल वेबसाईट के प्रमुख लोगों में से एक है।
- Advertisment -
Bharat Ji Shahpur
School AD

Most Popular