Tuesday, September 28, 2021
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निगुरे शिष्य की कला कभी नहीं फलती-बक्शी विकास

Guru and Shishya का मिलन एक संयोग होता है

खबरे आपकी आरा। शहर के महाजन टोली स्थित आश्रम में संगीतज्ञों ने गुरु पर्व मनाया। सर्वप्रथम कथक गुरु ने नृत्य सम्राट पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज की छायाचित्र पर तिलक लगाया। वहीं विधिवत मंत्रोच्चारण कर पूजन किया गया। इसके बाद संगीत प्रशिक्षुओं ने गुरु माता बिमला देवी, गुरु बक्शी विकास व गुरु आदित्या श्रीवास्तव को तिलक लगाकर एवं माल्यार्पण कर अभिनन्दन किया।

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Guru and Shishya- वहीं गुरु बक्शी विकास ने शिष्यों का गंडाबंधन करते हुए गुरु शिष्य परंपरा पर प्रकाश डाला । गुरु विकास ने कहा कि गुरु शिष्य का मिलन एक संयोग होता है। जीवन में गुरु का सानिध्य मिलना सौभाग्य है। निगुरे शिष्य की कला कभी नहीं फलती। इस अवसर पर तबला वादक राणा प्रताप सिंहा स्वतंत्र तबला वादन प्रस्तुत कर समा बांधा।

Guru and Shishya
बक्शी विकास ने गुरु और शिष्य की परंपरा को महिमामंडित किया

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युवा गायक रोहित कुमार एवं श्रेया ने शास्त्रीय गायन प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। कथक नर्तक अमित कुमार व राजा कुमार ने तीनताल में कथक प्रस्तुत करते हुए कथानक कालिया दमन की प्रस्तुति से मन मोह लिया। सोनम कुमारी ने ताल धमार व ठुमरी पर भाव प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध कर दिया। नवोदित कलाकारों में राशि, मुस्कान, संजना, खुशी व सलोनी ने मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किया। संचालन आदित्या श्रीवास्तव ने किया।

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