Homeराजनीतनौकरी-मुआवजे में ‘नजर का खेल’ बंद करे सरकार : पूर्व विधायक

नौकरी-मुआवजे में ‘नजर का खेल’ बंद करे सरकार : पूर्व विधायक

Bilauti Case: पुलिस एनकाउंटर में मारे गए बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के परिजन को नौकरी देने की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा पर शाहपुर के पूर्व राजद विधायक राहुल तिवारी ने सवाल उठाया है।

RN Yadav
  • हाइलाइट: Bilauti Case
  • भरत भूषण के परिजन को नौकरी देने पर पूर्व विधायक ने उठाए सवाल
  • पीड़ित परिवारों के लिए समान नौकरी-मुआवजा नीति बनाए सरकार

आरा: पुलिस एनकाउंटर में मारे गए बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के परिजन को नौकरी देने की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा पर शाहपुर के पूर्व राजद विधायक राहुल तिवारी ने सवाल उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा को ‘डील वाली नौकरी’ करार देते हुए कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में सभी पीड़ित परिवारों के लिए एक समान नीति बनानी चाहिए।

पूर्व विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री को सदन में विधेयक लाकर यह प्रावधान करना चाहिए कि पुलिस हिरासत या कथित फर्जी एनकाउंटर में किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके आश्रितों को एक समान आधार पर सरकारी नौकरी और मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी एक परिवार को नौकरी और मुआवजा देना तथा दूसरे पीड़ित परिवारों को छोड़ देना उचित नहीं है।

Bilauti Case : उपचुनाव में हार के बाद भरत तिवारी के परिवार को नौकरी देने की घोषणा

राहुल तिवारी ने कहा कि उपचुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री द्वारा भरत भूषण तिवारी के परिवार को नौकरी देने की घोषणा की गई है। उन्होंने बिहिया थाना क्षेत्र के धरहरा गांव निवासी सनोज कुमार राम का मामला उठाते हुए कहा कि उनके परिजनों का भी आरोप है कि उत्पाद विभाग के लोगों ने उन्हें घर से उठाया और इसके बाद वह लापता हो गए। ऐसे मामले में भी पीड़ित परिवार को मुआवजा और नौकरी मिलनी चाहिए।

Tiyar Pax

उन्होंने कहा कि सरकार को किसी व्यक्ति या परिवार के साथ अलग-अलग व्यवहार करने के बजाय ऐसे सभी मामलों के लिए स्पष्ट कानून बनाना चाहिए। साथ ही जिन मामलों में जांच के दौरान कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाए। उसके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए बर्खास्तगी की कार्रवाई भी होनी चाहिए।

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