Jinar Singh: शाहपुर नगर पंचायत के भावी प्रत्याशी जितेंद्र सिंह उर्फ जिनर ने 2027 चुनाव के लिए फूंका बिगुल
- हाइलाइट: Jinar Singh
- मुहिम 2027 के चुनावी रंग में शाहपुर नपं के भावी प्रत्याशी जिनर सिंह
आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर नगर पंचायत की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। आगामी 2027 के चुनाव को देखते हुए युवा नेता और भावी प्रत्याशी जितेंद्र सिंह उर्फ जिनर ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। अपने जनसमर्थन और वोट बैंक को और अधिक मजबूत करने और जनता के बीच अपनी पैठ बनाने के साथ ही उन्होंने इसका खुलासा डिजिटल मीडिया के माध्यम से किया है।
खबरे आपकी टीम के साथ विशेष बातचीत के दौरान जितेंद्र सिंह ने वर्तमान नगर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस बार चुनाव में विरोधियों को शिकस्त देना और व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन लाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है।
Jinar Singh : पूरा नगर समस्याओं के अंबार पर खड़ा है
जितेंद्र सिंह ने नगर कार्यालय पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में वहां विकास के बजाय केवल कमीशनखोरी की चर्चा होती है। उन्होंने सालाना बजट का हवाला देते हुए पूछा कि आधा अरब रुपये से अधिक की राशि का उपयोग धरातल पर क्यों नहीं दिख रहा है। वार्ड संख्या 01 से लेकर 11 तक की स्थिति का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि पूरा नगर समस्याओं के अंबार पर खड़ा है।
जनता में डर और भय का माहौल, शराब की सूचना पर पुलिस ने मारा था छापा
सरकार द्वारा लगाए जा रहे सहयोग शिविरों की पोल खोलते हुए उन्होंने दावा किया कि आम जनता नगर कार्यालय जाने से भयभीत है। उन्होंने पिछले शिविर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक व्यक्ति के आने के बावजूद कागजों में तीन लोगों की उपस्थिति दिखाई गई, जो नगर प्रशासन की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में शराब की सूचना पर पुलिस ने नगर कार्यालय में छापेमारी की थी। यदि उस समय सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाती तो सच सबके सामने होता। अफसोस की बात यह है कि अब उन फुटेज को डिलीट कर दिया गया है।
जितेंद्र सिंह ने अपने कार्यकर्ताओं में भरा उत्साह
अपने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए जितेंद्र सिंह ने संकल्प लिया कि वे अब किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। जनता को डरने की जरूरत नहीं, वे उनके साथ खड़े है। उन्होंने सफाई व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब केवल कागजी कोरम पूरा नहीं किया जाएगा, बल्कि धरातल पर स्वच्छता का कार्य करना होगा। उन्होंने यदि एक माह के भीतर सफाई सहित नगर की अन्य व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।




