Child Marriage Free India: भोजपुर जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया के निर्देश पर डीडीसी की अध्यक्षता में जिला समाहरणालय सभागार में “बाल विवाह मुक्त भारत” विषय पर कार्यशाला सह शपथ समारोह का आयोजन किया गया। इसी अवसर पर आईसीडीएस अंतर्गत नवाचार कार्यक्रम “मिशन बाल पोषण सुरक्षा” का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
डीडीसी ने “मिशन बाल पोषण सुरक्षा” कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य से एसएएम/एमएएम श्रेणी के बच्चों की विशेष निगरानी एवं समुचित देखभाल कर उन्हें सामान्य श्रेणी में लाना है। इसके लिए बच्चों की लंबाई, ऊँचाई एवं अन्य पोषण मापदंडों के आधार पर सतत अनुश्रवण किए जाने के निर्देश दिए गए।
साथ ही जिला प्रशासन की पहल बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत “बेटी जन्मोत्सव-कन्या रत्न” कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके तहत बालिका जन्म के साथ ही कन्या शिशु एवं उनके परिवार को 25 जन कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बाल विवाह को सामाजिक बुराई एवं कानूनी अपराध बताते हुए उपस्थित पदाधिकारियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं छात्राओं को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में सुनीता कुमारी, सचिव दिशा-एक प्रयास द्वारा पीपीटी के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं उसकी रोकथाम पर विस्तार से जानकारी दी गई। वहीं जिला प्रबंधक पिरामल फाउंडेशन ने बाल विवाह की सूचना प्रशासन को देने की अपील करते हुए इसके कानूनी दंड की जानकारी दी।
जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस एवं जिला परियोजना प्रबंधक महिला एवं बाल विकास निगम ने भी बाल विवाह को सामाजिक कुप्रथा बताया। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं के बीच सेनेटरी पैड एवं बाल विवाह मुक्त भारत (Child Marriage Free India) अभियान का लोगो युक्त टी-शर्ट का वितरण किया गया।


