Homeराजनीतहम प्रवक्ता दानिश रिजवान हर्ष फायरिंग मामले में प्राथमिकी दर्ज

हम प्रवक्ता दानिश रिजवान हर्ष फायरिंग मामले में प्राथमिकी दर्ज

भोजपुर जिला अंतर्गत आरा नगर थाने में हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा (HAM) के प्रवक्ता दानिश रिजवान के विरुद्ध हर्ष फायरिंग के एक वायरल वीडियो मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

Danish Rizwan Harsh Firing: हम प्रवक्ता दानिश रिजवान का दावा है कि इस पुराने मामले में वर्ष 2017 में ही उन पर कानूनी कार्रवाई हो चुकी है।

Bijay singh
  • हाइलाइट: Danish Rizwan Harsh Firing
  • आरजेडी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इस वीडियो को साझा किया गया है

आरा, बिहार। भोजपुर जिला अंतर्गत आरा नगर थाने में हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा (HAM) के प्रवक्ता दानिश रिजवान के विरुद्ध हर्ष फायरिंग के एक वायरल वीडियो मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत अनुसंधान आरंभ कर दिया है। यह कानूनी कार्रवाई उस समय हुई जब सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर दानिश रिजवान का एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें उन्हें कथित तौर पर हवा में गोलियां चलाते हुए देखा गया।

Danish Rizwan Harsh Firing: पुलिस वर्तमान में वीडियो की तकनीकी जांच कर रही

भोजपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा इस संदर्भ में जारी किए गए आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का संज्ञान लेते हुए संबंधित थाना स्तर पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होने से पूर्व आरा के सदर एसडीपीओ राजकुमार साह ने मीडिया से वार्ता के दौरान यह संकेत दिया था कि प्रारंभिक जांच में यह वीडियो वर्ष 2017 के एक विवाह समारोह का प्रतीत हो रहा है। पुलिस वर्तमान में वीडियो की प्रामाणिकता और इसकी समयावधि की तकनीकी जांच कर रही है।

हम नेता ने इस वीडियो को ‘एआई जेनरेटेड’ बताया

इस पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हम नेता दानिश रिजवान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इस वीडियो को ‘एआई जेनरेटेड’ (कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा निर्मित) करार देते हुए तर्क दिया कि वीडियो में आधे सेकंड के भीतर जिस गति से चार-पांच राउंड फायरिंग दिखाई जा रही है, वह व्यावहारिक रूप से असंभव है। रिजवान का दावा है कि इस पुराने मामले में वर्ष 2017 में ही उन पर कानूनी कार्रवाई हो चुकी है। उस समय उनका शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था, जिसे बाद में न्यायालय ने मामले को त्रुटिपूर्ण मानते हुए पुनः बहाल कर दिया था।

दानिश रिजवान ने इस विवाद के पीछे राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप लगाया है। उन्होंने सीधे तौर पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को निशाना बनाते हुए कहा कि उनकी छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से यह वीडियो प्रसारित किया गया है। उन्होंने घोषणा की है कि वह इस दुष्प्रचार के विरुद्ध आरजेडी नेतृत्व पर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगे।

आरजेडी ने वीडियो के माध्यम से राज्य की एनडीए सरकार पर किया प्रहार

उल्लेखनीय है कि इस विवाद की जड़ें उस समय गहरी हुईं जब आरजेडी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इस वीडियो को साझा किया गया। आरजेडी ने वीडियो के माध्यम से राज्य की एनडीए सरकार पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष से जुड़े लोग और केंद्रीय मंत्री के सलाहकार खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। विपक्ष ने इस घटना को आधार बनाकर बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। बहरहाल, पुलिस इस चर्चित मामले के सभी तकनीकी पहलुओं और कानूनी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।

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