Bhai Dinesh met Jagdishpur SDM: पूर्व विधायक भाई दिनेश ने उठाई फुटपाथी दुकानदारों के पुनर्वास और किसानों के मुआवजे की मांग, एसडीएम ने दिया त्वरित समाधान का आश्वासन
- हाइलाइट: Bhai Dinesh met Jagdishpur SDM
- फुटपाथी दुकानदारों का मुद्दा: वेंडिंग ज़ोन स्थलों का शीघ्र चिह्नांकन करने का आग्रह
- किसानों की समस्या: फसल क्षति मुआवजा पोर्टल को सक्रिय करने का आग्रह किया
जगदीशपुर, आरा। बिहार के भोजपुर जिले में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करनेवाले लोकप्रिय समाजसेवी, जगदीशपुर के पूर्व विधायक सह राजद के वरिष्ठ नेता भाई दिनेश ने शनिवार को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजीत कुमार से एक महत्वपूर्ण भेंट की। इस भेंटवार्ता में, उन्होंने क्षेत्र की दो ज्वलंत समस्याओं पर गहनता से चर्चा की और उनके तत्काल समाधान की मांग की। मुख्य रूप से उन्होंने फुटपाथी दुकानदारों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा किसानों को फसल क्षति मुआवजे के लिए ऑनलाइन आवेदन हेतु पोर्टल जल्द से जल्द खोलने पर बल दिया।
फुटपाथी दुकानदारों का मुद्दा: भाई दिनेश ने एसडीएम को सौंपे अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि नगर प्रशासन द्वारा फुटपाथी दुकानों को हटाने की किसी भी कार्रवाई से पूर्व इन दुकानदारों के पुनर्वास की ठोस योजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला कि इन फुटपाथी दुकानदारों की आय दैनिक आधार पर 200 से 500 रुपये तक होती है, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। यह आय उनके लिए केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार के अस्तित्व का आधार है। पूर्व विधायक ने जोर देते हुए कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इन दुकानदारों को उनके वर्तमान स्थानों से हटाना, उनके जीवनयापन के संवैधानिक अधिकार का सीधा हनन होगा। यह कार्रवाई न केवल उनकी आजीविका पर कुठाराघात करेगी, बल्कि उनके आश्रित परिवारों के समक्ष भी गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा कर देगी। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी से इस मानवीय मुद्दे पर संवेदनशीलता बरतने और इन मेहनतकश दुकानदारों के लिए उपयुक्त वेंडिंग ज़ोन स्थलों का शीघ्र चिह्नांकन करने का आग्रह किया ताकि वे सम्मानपूर्वक अपनी रोजी-रोटी कमा सकें।
किसानों की समस्या: फुटपाथी दुकानदारों के मुद्दे के अतिरिक्त, भाई दिनेश ने जगदीशपुर और पीरो प्रखंड के किसानों से संबंधित एक गंभीर विषय भी उठाया। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी को अवगत कराया कि फसल क्षति के मुआवजे के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने का पोर्टल अब तक सक्रिय नहीं हुआ है। यह स्थिति किसानों के लिए अत्यंत चिंताजनक है, जिन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के कारण अपनी फसलों का भारी नुकसान झेला है और अब वे सरकारी सहायता की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पोर्टल बंद होने के कारण, हजारों किसान अपने नुकसान का ब्योरा दर्ज नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी उम्मीदें धूमिल हो रही हैं। समय पर मुआवजा न मिलने से किसान आर्थिक रूप से और कमजोर हो जाएंगे, जिसका सीधा असर उनकी खेती-बाड़ी और पारिवारिक खर्चों पर पड़ेगा। भाई दिनेश ने इस मुद्दे की गंभीरता को रेखांकित करते हुए पोर्टल को तुरंत खोलने की आवश्यकता पर बल दिया।
एसडीएम का त्वरित संज्ञान: इस गंभीर शिकायत पर अनुमंडल पदाधिकारी संजीत कुमार ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, तत्क्षण अनुमंडल कृषि पदाधिकारी से दूरभाष पर संपर्क किया और उन्हें सोमवार तक फसल क्षति मुआवजा पोर्टल को हर हाल में सक्रिय करने का निर्देश दिया। इस भेंटवार्ता के दौरान नायक सिंह, वार्ड पार्षद सुनील सिंह उर्फ पांडा और मो. जमील जैसे क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।


