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पुलिस एनकाउंटर पर सवाल, राहुल तिवारी बोले सरेंडर के बाद क्यों चली गोली?

Shahpur police encounter: इस घटना को लेकर पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की पुरजोर मांग की है।

jay kumar
  • हाइलाइट: Shahpur police encounter
  • भरत तिवारी एनकाउंटर पर राहुल तिवारी का बड़ा सवाल, बोले- सरेंडर के बाद क्यों चली गोली?
  • ‘फर्जी एनकाउंटर की हो उच्चस्तरीय जांच’, पूर्व विधायक राहुल तिवारी की मांग
  • भरत तिवारी मुठभेड़ मामले ने हिलाया सिस्टम, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

आरा। जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के युवक भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे पूरे सिस्टम के लिए एक बड़ा झटका बताया है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की पुरजोर मांग की है।

पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने घटना के विवरण पर चर्चा करते हुए कहा कि एक युवक द्वारा सरेंडर कर दिए जाने के बाद उसे गोली मारना न केवल मानवीय संवेदनाओं के विरुद्ध है, बल्कि यह गंभीर आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है। उन्होंने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि फुटेज में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि युवक ने आत्मसमर्पण कर दिया था और उसके पास कोई हथियार नहीं था। ऐसी स्थिति में पुलिस का बल प्रयोग करना कानून के स्थापित सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है।

Shahpur police encounter : किन परिस्थितियों में निहत्थे युवक पर गोली चलाई गई?

राहुल तिवारी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि इस पूरी घटना में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएं, उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा न्यायिक आयोग द्वारा कराई जाए ताकि घटना की सत्यता सामने आ सके और यह स्पष्ट हो सके कि किन परिस्थितियों में निहत्थे युवक पर गोली चलाई गई।

उन्होंने अपने वक्तव्य में कानून के शासन पर बल देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को न्याय पाने का अधिकार है और पुलिस का कार्य कानून की रक्षा करना है, न कि उसे अपने हाथ में लेना। पूर्व विधायक के अनुसार, यदि इस मामले में किसी भी स्तर पर अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सच्चाई का सामने आना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आम जनमानस का न्याय व्यवस्था और कानून के प्रति विश्वास अडिग बना रहे।

Bijay singh

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