Friday, March 5, 2021
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सीएस ने आयुष्मान पखवाड़े का किया शुभारंभ

golden card : गोल्डन कार्ड बनाने के बाद 5 लाख तक का होगा नि:शुल्क इलाज

पंचायत स्तर एवं वार्ड स्तर पर कैंप लगाकर किया जाएगा लोगों को जागरुक

खबरे आपकी golden card आरा शहर के सदर अस्पताल के अधीक्षक कार्यालय भवन में बुधवार की दोपहर भोजपुर सीएस डॉ. एलपी झा ने आयुष्मान पखवाड़े का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना है। इस योजना का उद्देश्य यह है कि जितने भी गरीबी रेखा के नीचे के जो भी लोग हैं। जो पैसे के अभाव के कारण अपना सही इलाज नहीं करा पाते है, उसका एक लिस्ट बना हुआ है, जो वर्ष 2011 की जनगणना से अकाउंट में है। उस लिस्ट में जिनका नाम है उसका गोल्डन कार्ड बना देना है। golden card बनाने के बाद 5 लाख का नि:शुल्क इलाज कराया जा सकता है।

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यह इलाज इस कार्ड के सहयोग से भारत देश के किसी भी कोने में एवं किसी भी अस्पताल में लाभार्थी अपना 5 नि:शुल्क इलाज करा सकते है। जो गरीब परिवार के लोग पैसे के अभाव में जैसे बच्चे को हार्ट अटैक का बीमारी हो गया, उसे नही करा सकते थे। उसका इलाज आसानी से करा सकते हैं। वैसे तो मामूली बीमारी का इलाज तो वह कैसे भी करा लेते हैं? लेकिन अधिक पैसे वाला इलाज नहीं करा पाते है। जिसको लेकर पैसे के अभाव से बीमारी से ग्रसित बच्चे, जवान एवं बूढ़े मर जाते है। इसी को लेकर या महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया है। golden card के बनते ही उनका 5 लाख का स्वास्थ इंसुरेंस हो जाता है। यदि उसका इलाज संभव है। 5 लाख के अंदर है उसे करा सकते है। इसमें गोल्डन कार्ड बनाकर उसे पोर्टल पर अपलोड किया जाता है।

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इसके बाद वह देश के किसी कोने में जब इलाज के लिए जाते हैं, तो उस कार्ड के माध्यम से उनका डिटेल पूरा स्क्रीन पर आ जाता है। जिससे उन्हें गोल्डन कार्ड से जुड़ी सभी सुविधाएं आसानी से मिल जाती है। यह कार्ड सीएससी यानी वसुधा केंद्र पर भी बनाया जाता है। लेकिन वहां 30 रुपये शुल्क लगता है। लेकिन यहां इस गोल्डन कार्ड को लाभार्थी नि:शुल्क बना सकते है।योजना के अंतर्गत घर के किसी एक सदस्य का भी नाम आता है और वह अपने नाम से गोल्डन कार्ड बना लेता है तो बाद में उसके घर के किसी अन्य सदस्य का भी नाम जुड़ सकता है और वह इस 5 लाख के स्वास्थ्य इंसुरेंस का लाभ पूरी तरह उठा सकता है। इस मौके पर आयुष्मान भारत के डीपीसी मृत्युंजय कुमार, स्वास्थ्य कर्मी सोनू कुमार पांडेय, सर्वजीत तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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