Homeआरा भोजपुरबिहियाघनी आबादी के बीच कचड़ा डंप, बदबू से परेशान बिहिया नगरवासी

घनी आबादी के बीच कचड़ा डंप, बदबू से परेशान बिहिया नगरवासी

Bihiya Town:बिहिया नगर के बीच स्थित नगर पंचायत कार्यालय के समीप कचरा प्रसंस्करण इकाई का निर्माण किया गया है।

  • हाइलाइट: Bihiya Town
    • बिहिया कचरा प्रसंस्करण इकाई के चारो तरफ घनी आबादी है
    • नगर की सफाई पर प्रति माह 24 लाख से अधिक रुपये खर्च
    • कचरे से जैविक खाद बनता है लेकिन राजस्व का विवरण नहीं

आरा,बिहार । नगर पंचायत बिहिया और इससे सटे कचड़ा प्रसंस्करण इकाई के मुख्य द्वार पर डंप कर रखे गए कचड़े से निकल रहे बदबू से परेशान और आक्रोशित मुहल्ले के लोगों ने कचड़े को सड़क तक फैला दिया है जिसमें मंगलवार को बच्चों से भरी अल्फा स्कूल की गाड़ी देर तक फंसी रही। बच्चे दुर्गंध से बिलबिलाते दिखे। गत सोमवार को बीडीओ बिहिया भी वाहन के साथ इसी कचड़े में फंसी हुई थी।

नगर भवन के निकट कचड़ा प्रसंस्करण इकाई के समीप कचड़ा डंप किए जाने से केवल मुहल्ले के लोग हीं नहीं पास हीं स्थित मनरेगा कार्यालय के कर्मी तथा अपने आवास में रह रही बीडीओ भी दुर्गंध से परेशान है। बीमारी फैलने की आशंका जताते हुए कचड़ा हटाने की मांग को लेकर मंगलवार को भी दर्जनों लोग नगर पंचायत कार्यालय में घुस गए तथा स्वच्छता पदाधिकारी को आवेदन दिया। इस दौरान लोगों ने उन्हें बुरा भला भी कहा। इसकी जानकारी देते हुए स्वच्छता पदाधिकारी अभिषेक राज ने अपनी सीमित भूमिका का उल्लेख किया।

जानकारी के अनुसार बिहिया नगर के बीच स्थित नगर पंचायत कार्यालय के समीप कचरा प्रसंस्करण इकाई का निर्माण किया गया है। इसके बगल में हीं बीडीओ आवास तथा मनरेगा कार्यालय है। वहीं बगल से गुजर रहा रास्ते से पुलिस से लेकर अधिकारियों का ब्लॉक कार्यालय तक आना जाना होता है। चारो तरफ घनी आबादी है।

Jay

कचरा प्रसंस्करण इकाई में कथित तौर पर कचरे की छंटाई कर जैविक खाद बनता है। इसके लिए रोज लगभग दो टॉली कचरा इसके मुख्य द्वार पर रखा जाता है। कचरा कई कई दिन पड़े रहने के कारण इससे निकलने वाले दुर्गंध आमलोगों से लेकर सरकारी अधिकारी और कर्मी भी परेशान रहते है। इसी बात को लेकर नाराज लोगों ने सोमवार को कचरे को न केवल रास्ते पर फैला दिया बल्कि कुछ कचरा नगर पंचायत के गेट पर भी डाल दिया था।

वसंत कुमार,लालबाबू आदि ने बताया कि कहते कहते थक गए लेकिन नगर पंचायत के अधिकारी सुनते हीं नहीं। वहीं बीडीओ मोनालिसा प्रियदर्शिनी ने बताया कि दुर्गंध से आवास में रहना मुश्किल है। कई बार कहा और लिखा गया लेकिन नगर पंचायत के अधिकारी कर्मी नहीं सुनते। बताया जाता है कि नगर पंचायत नगर की सफाई पर प्रति माह 24 लाख से अधिक रुपये खर्च करता है। सफाई का ठेका एक हीं एजेंसी को मैनेज कर बिगत कई वर्षों से मिल रहा है।

सूत्रों का कहना है कि इसमें से लगभग आठ लाख रुपया कचरा प्रसंस्करण इकाई के मद में खर्च होता है।10 से 12 महिलाओं को गिला और सूखा कचरा छांटने के लिए रखा गया है तो तीन दिव्यांग सहित पांच से छः लोग देख रेख के लिए रखे गए है जिनमें से अधिकांश के पास कोई काम नहीं है केवल इधर उधर कर वेतन के नाम पर पैसा उठाते है। दावा किया जाता है की कचरा प्रसंस्करण इकाई में कचरे से जैविक खाद बनता है लेकिन उसका क्या होता है या उसके बिक्री आदि से नगर पंचायत को कितना आय होता है यह कुछ हीं लोग जानते है।

नगर उपाध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता कहते है कि नगर पंचायत में क्या होता है इसकी जानकारी सिर्फ गिने चुने लोग हीं जानते है उन्हें कुछ नहीं पता। मालूम हो कि नगर पंचायत को अस्तित्व में आए लगभग 20 साल हो गए है लेकिन आज तक कचड़ा डंपिंग के लिए स्थाई व्यवस्था नहीं हो सकी है। फिलहाल नगर पंचायत के भगवान मालिक है क्योंकि कार्यपालक पदाधिकारी लंबे समय से छुट्टी में है।कार्यालय प्रभार के भरोसे है।अध्यक्ष कई माह से नहीं आ रहे है। बाकी किसी का चल नहीं रह है।

RAVI KUMAR
RAVI KUMAR
बिहार के भोजपुर जिला निवासी रवि कुमार एक भारतीय पत्रकार है एवं न्यूज पोर्टल खबरे आपकी के प्रमुख लोगों में से एक है।
- Advertisment -
डाॅ. आर.एन.यादव
डाॅ. आर.एन.यादव
डॉ.ए. अहमद
डॉ.ए. अहमद
sharda

Most Popular