Heatwave: जिले में बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की।
- हाइलाइट: Heatwave
- सभी नगर निकाय में पर्याप्त संख्या में प्याऊ, मटका एवं अन्य जल वितरण केंद्र स्थापित करने के निर्देश
- सभी चापाकल, “नल-जल योजनाओं” को पूर्ण रूप से कार्यरत रखने को लेकर PHED को निर्देशित किया गया
- स्वास्थ्य केंद्रों में ORS पैकेट एवं जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता, आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने का निर्देश
आरा, भोजपुर। जिले में बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ज़ूम (Zoom) के माध्यम से हुई इस बैठक में हीट वेव से निपटने की तैयारियों और आमजन को राहत पहुंचाने वाली योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि गर्मी के प्रकोप से बचाव हेतु सभी संबंधित विभाग सक्रिय रहें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें।
Heatwave: नगर निकाय के अधिकारियों को निर्देश
आम नागरिकों के लिए पेयजल की उपलब्धता को प्राथमिकता देते हुए जिला पदाधिकारी ने नगर निकाय के अधिकारियों को सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि भीड़-भाड़ वाले इलाकों में प्याऊ और मटकों के माध्यम से शीतल जल वितरण केंद्र स्थापित किए जाएं तथा उनकी निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि राहगीरों को लू से बचाव में सहायता मिल सके।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग:
पेयजल संकट को दूर करने के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के कार्यपालक अभियंता को जिले भर के सभी चापाकलों को क्रियाशील रखने का सख्त निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कहीं भी हैंडपंप में खराबी हो, तो उसका तत्काल मरम्मतीकरण किया जाए। साथ ही, मुख्यमंत्री ग्रामीण नल-जल योजना के तहत संचालित सभी योजनाओं की कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारियों और प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सत्यापन करने और उसकी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है, ताकि जल आपूर्ति में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
स्वास्थ्य केंद्रों में आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने के निर्देश
स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में सिविल सर्जन को विशेष निर्देश दिए गए हैं। हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस (ORS) पैकेट और आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है। इसके अलावा, गंभीर मामलों के प्रबंधन हेतु स्वास्थ्य केंद्रों में आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि समय पर इलाज संभव हो सके।
बैठक के दौरान पशुधन के स्वास्थ्य पर भी चिंता व्यक्त की गई। जिला पशुपालन पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे बीमार पशुओं के उपचार हेतु मेडिकल टीमों को सक्रिय रखें और पशुओं के लिए छाया एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कदम उठाएं।
जिला पदाधिकारी तनय सुल्तानिया ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हीट वेव जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई ही बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। जिला प्रशासन स्थिति पर निरंतर नजर रखे हुए है और आम जनता की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त भोजपुर, अपर समाहर्ता भोजपुर, सभी प्रखंड के वरीय पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता PHED, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।


