Udwantnagar winner: आरा में माता शबरी क्रिकेट टूर्नामेंट: उदवंतनगर ने लगातार दूसरी बार खिताब जीता, वंचितों के सशक्तिकरण पर गणमान्य व्यक्तियों का जोर
- हाइलाइट: Udwantnagar winner
- सरकार द्वारा वंचित समाज के विकास हेतु विशेष याजनाएं- प्रो राणा सिंह
- अवसर से विकास का मार्ग प्रशस्त होगा- अदील मोहसिन
- नई आशा द्वारा आयोजित माता शबरी क्रिकेट टूर्नामेंट सम्पन्न
बिहार के भोजपुर जिला मुख्यालय आरा स्थित ऐतिहासिक वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में चार दिवसीय माता शबरी क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य समापन खिताबी मुकाबले के साथ हुआ, जिसमें भोजपुर जिले की उदवंतनगर टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पटना को 30 रनों के अंतर से पराजित कर लगातार दूसरी बार इस ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया। यह विजय न केवल उदवंतनगर की टीम की खेल प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि यह पद्मश्री डॉ. भीम सिंह भवेश के समाज के वंचित तबके, विशेषकर मुसहर समुदाय के युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के निरंतर प्रयासों का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Udwantnagar winner: लगातार दूसरी जीत
फाइनल मैच बेहद रोमांचक और प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जिसमें दोनों टीमों ने अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता का प्रदर्शन किया। उदवंतनगर की टीम ने खेल के हर विभाग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक निर्णायक जीत दर्ज की। उनकी इस लगातार दूसरी जीत ने टूर्नामेंट में उनकी श्रेष्ठता को पुनः स्थापित किया और खिलाड़ियों के अथक परिश्रम, दृढ़ संकल्प और बेहतरीन टीम समन्वय को उजागर किया।
खिताबी मुकाबले के उद्घाटनकर्ता के रूप में चंद्रगुप्त प्रबंध संस्थान के निदेशक डॉ. राणा सिंह उपस्थित थे। उन्होंने अपने संबोधन में पद्मश्री डॉ. भीम सिंह भवेश द्वारा समाज के लिए किए जा रहे प्रेरक कार्यों की हार्दिक सराहना की। डॉ. सिंह ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि डॉ. भवेश पिछले चार वर्षों से ऐसे प्रेरणादायक आयोजनों को निरंतर करते आ रहे हैं, जो समाज में एक सकारात्मक बदलाव की सोच को दर्शाता है। उन्होंने अपने संस्थान की शैक्षणिक पहलों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें महिला और अनुसूचित जाति-जनजाति (SC-ST) के छात्रों को 90 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। डॉ. सिंह ने मुसहर समाज के मेधावी बच्चों से अपील की कि वे शिक्षा के महत्व को समझें और सरकार द्वारा संचालित अनेक लाभकारी योजनाओं का समुचित लाभ उठाकर अपने भविष्य को उज्ज्वल और सुरक्षित करें।
इस अवसर पर मौजूद प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी अदील मोहसिन ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि इस तरह के खेल आयोजन महिलाओं और बच्चियों को उनके बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने डॉ. भवेश के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पहल आज इस समाज को बदलाव और विकास की दिशा में अग्रसर कर रही है। मोहसिन ने इस सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को हार्दिक बधाई दी।
वन प्रमंडल अधिकारी प्रद्युम्न गौरव ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भवेश लंबे समय से वंचित समाज को एक आवाज, एक उचित मंच और अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने एक सिविल सेवक के तौर पर अपनी बात रखते हुए स्वीकार किया कि इस समाज के लिए अभी भी बहुत काम बाकी है, विशेषकर उन्हें मूलभूत मानवाधिकारों के स्तर से अद्यतन (अपडेट) करने की आवश्यकता है।
बिहार पुल निर्माण निगम के पूर्व प्रबंध निदेशक सुनील कुमार ने इस सामाजिक अभियान से जुड़ने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं पिछले काफी दिनों से नई आशा से जुड़ा हूँ। यह देखकर खुशी हो रही है कि इस अभियान के द्वारा वंचित समाज आगे बढ़ रहा है।” प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यभान सिंह ने भी इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि खेल के माध्यम से मुसहर समाज को आगे बढ़ाने का यह अभियान निश्चित रूप से जल्द ही सकारात्मक परिणाम दिखाएगा और समाज में एक नई पहचान स्थापित करेगा।
पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता प्रो. सत्यनारायण सिंह ने गरिमापूर्ण ढंग से की, जबकि स्वागत भाषण डॉ. भीम सिंह भवेश द्वारा दिया गया, जिसमें उन्होंने सभी आगंतुकों और प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन अमरेन्द्र कुमार ने किया, जिन्होंने पूरे समारोह को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया।
अंत में, डॉ. अर्चना सिंह ने सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, खिलाड़ियों और दर्शकों के प्रति हार्दिक धन्यवाद ज्ञापन किया। यह चार दिवसीय माता शबरी क्रिकेट टूर्नामेंट मात्र एक खेल प्रतियोगिता से कहीं अधिक सामाजिक समरसता, सशक्तिकरण और वंचित समुदाय को अवसर प्रदान कर मुख्यधारा में लाने के पद्मश्री डॉ. भीम सिंह भवेश के दूरदर्शी प्रयासों का एक जीवंत प्रतीक था। इस टूर्नामेंट में भोजपुर के साथ-साथ पटना और बक्सर की टीमों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। खेलकूद के अतिरिक्त, इस अवसर पर मुसहर जाति की युवतियों के बीच रस्साकस्सी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।











