Shahpur NP Roads: अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत सड़कों और फुटपाथों से हटाए गए दुकानदार अब फिर से शाहपुर मुख्य मार्ग NH-84 पर अपना व्यवसाय स्थापित करने को विवश हैं
- हाइलाइट: Shahpur NP Roads
- NH-84 मुख्य सड़क पर लौटा अतिक्रमण; स्थिति जस की तस
- शाहपुर नगर पंचायत के नाम पर बाजार शुल्क की वसूली भी शुरू
आरा, बिहार। भोजपुर जिला के शाहपुर नगर पंचायत में वेंडरजोन विकसित करने की प्रशासनिक प्रतिबद्धता के बावजूद, धरातल पर क्रियान्वयन की कमी ने स्थिति को एक बार फिर वही मोड़ पर ला दिया है। अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत सड़कों और फुटपाथों से हटाए गए दुकानदार अब फिर से मुख्य मार्ग NH-84 पर अपना व्यवसाय स्थापित करने को विवश हैं, जिससे यातायात व्यवस्था और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यह स्थिति नगर पंचायत के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, साथ नगर पंचायत के नाम पर हो रहे बाजार शुल्क की वसूली सुचारु यातायात प्रबंधन के प्रति उसकी गंभीरता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है।
नगर पंचायत द्वारा पूर्व में अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए गए अभियान को एक सराहनीय कदम माना गया था। उस समय, प्रशासन ने व्यापारियों को आश्वस्त किया था कि उन्हें वेंडरजोन के रूप में एक व्यवस्थित और स्थायी स्थान उपलब्ध कराया जाएगा, जहाँ वे बिना किसी व्यवधान के अपना व्यापार कर सकें। इस आश्वासन के बाद, कई दुकानदारों ने स्वेच्छा से सड़कों से अपनी दुकानें हटाई थीं, इस उम्मीद में कि उन्हें जल्द ही एक वैध और सुरक्षित स्थान मिलेगा। यह आशा थी कि एक बार वेंडरजोन विकसित हो जाने पर, नगर की सड़कें खुली होंगी, पैदल चलने वालों को सुविधा मिलेगी और यातायात जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
Shahpur NP Roads: सड़क पर लौटने को मजबूर दुकानदार
किंतु, दुर्भाग्यवश, नगर प्रशासन द्वारा यह अब तक पूरी नहीं की गई है। वेंडरजोन का निर्माण कागजों तक ही सीमित रहा और भूमि पर इसका कोई स्पष्ट स्वरूप दिखाई नहीं दिया। ऐसे में, सब्जी दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों के समक्ष रोजी-रोटी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया, जिनकी आजीविका पूरी तरह से उनके दैनिक व्यापार पर निर्भर करती है। जीवन-यापन की अनिवार्यता ने उन्हें एक बार फिर NH-84 मुख्य सड़क, बनाही रोड और सार्वजनिक स्थानों पर लौटने को मजबूर कर दिया है।
आज शाहपुर नगर पंचायत के विभिन्न मुख्य मार्गों, जैसे [NH-84, बनाही रेलवे स्टेशन रोड] पर स्थिति पहले जैसी हो चुकी है। बस स्टैंड शेड, मुख्य बाजार (पुरानी) और सरना रोड से अतिक्रमण हटाया ही नहीं गया है। सड़कों के किनारे अस्थाई दुकानें, जिससे आधी से अधिक सड़क पट जाती है। इसका सीधा परिणाम यह है कि वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है। आपातकालीन सेवाओं, जैसे एंबुलेंस और अन्य वाहनों को भी इन सड़कों से गुजरने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है, जो किसी भी आपात स्थिति में गंभीर परिणाम दे सकता है।
समाजसेवी विनय मिश्रा ने कहा कि इस समस्या के मूल में वेंडरजोन के अभाव के साथ-साथ नगर पंचायत कि प्रशासनिक उदासीनता और दीर्घकालिक योजना की कमी भी है। यदि समय रहते वेंडरजोन को विकसित कर दिया जाता और दुकानदारों को व्यवस्थित तरीके से वहाँ स्थानांतरित किया जाता, तो यह वर्तमान स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। वेंडरजोन केवल अतिक्रमण की समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह छोटे व्यापारियों को एक सम्मानजनक और स्थायी व्यवसायिक स्थल प्रदान करने का भी माध्यम है, जो उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर प्रशासन को अपनी प्रतिबद्धता पूरी करनी चाहिए और वेंडरजोन को तत्काल विकसित करना चाहिए। साथ ही, दुकानदारों को भी यह समझना होगा कि NH-84 मुख्य सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से दुकान स्थापित करने से न केवल आम जनता को असुविधा होती है, बल्कि यह उनके स्वयं के व्यवसाय के लिए भी जोखिम भरा है। इस पूरे प्रकरण में आम नागरिक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें प्रतिदिन यातायात जाम से जूझना पड़ता है। शाहपुर नगर पंचायत में सुचारु यातायात, स्वच्छ फुटपाथ और एक व्यवस्थित व्यावसायिक वातावरण प्रदान करने हेतु नपं अधिकारियों और प्रतिनिधियों को इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।











