Sold Baby: बिहार के भोजपुर में दादी द्वारा बेचा गया नवजात बरामद कर लिया गया है। पुलिस की दबिश के कारण खरीदने वाली झारखंड निवासी महिला खुद बच्चे को गोद लेकर गड़हनी थाने पहुंची।
- हाइलाइट: Sold Baby
- बेचा गया नवजात बरामद, बच्चा लेकर थाने पहुंची खरीदने वाली झारखंड की महिला
- पुलिस की लगातार दबिश और सात अभियुक्तों की गिरफ्तारी से गड़हनी थाने को मिली सफलता
- दादी द्वारा पचास हजार में बेचा गया नवजात झारखंड के रामगढ़ में साढ़े चार लाख में बिका
- बेटा मिलते ही सीने से लगाकर फफक पड़ी खुशबू, पुलिस को कहा थैंक्यू
आरा, बिहार। भोजपुर में दादी द्वारा बेचा गया नवजात बरामद कर लिया गया है। पुलिस की दबिश के कारण खरीदने वाली झारखंड निवासी महिला खुद बच्चे को गोद लेकर गड़हनी थाने पहुंची। उसके द्वारा ग्रामीण चिकित्सक से साढ़े चार लाख में नवजात को खरीदने की बात स्वीकार की गयी है। उसके बाद पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वह झारखंड के रामगढ़ के लोहा मोहल्ला के निवासी सज्जन शर्मा की पत्नी पूनम शर्मा है।
इधर, 13 दिनों से लापता बेटे के मिलने की खबर मिलते ही खुशबू कुमारी दौड़ते हुए थाने पहुंची। कलेजे के टुकड़े को सीने से लगाकर वह फफक पड़ी। बेटे के मिलने से खुशी से चहक रही खुशबू कुमारी द्वारा गड़हनी थानाध्यक्ष सहित पूरी पुलिस टीम को धन्यवाद दिया गया। कहा कि पुलिस टीम की तत्परता से उसका बेटा वापस मिल गया। यह उसके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।
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वहीं, नवजात की बरामदगी और बिक्री करने से लेकर खरीदारी करने वाले तक की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस द्वारा इस पूरे मामले की गुत्थी भी सुलझा दी गई है। थानाध्यक्ष कमलजीत ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार सभी आरोपित बच्चे की खरीद-बिक्री करने वाले गिरोह से जुड़े हुए हैं। इनके तार बिहार से झारखंड तक जुड़े हैं। गिरोह द्वारा बच्चा चोरी या खरीदकर जरूरत मंदों को ऑन डिमांड लाखों रुपए में बेचे जाते हैं।
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थानाध्यक्ष कमलजीत के अनुसार झारखंड निवासी महिला ने पूछताछ में बताया कि नवजात का साढ़े चार लाख रुपए से डील हुआ था। उसमें साढ़े तीन लाख रुपए उसने ग्रामीण चिकित्सक को दे दिया था। थानाध्यक्ष ने बताया कि नवजात को बेचे जाने के इस मामले में शामिल गिरोह के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके कलेक्शन और पूर्व में अंजाम दिये गये घटनाओं के बारे में जानकारी ली जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर सभी को रिमांड पर लेकर भी पूछताछ की जा सकती है।
Sold Baby : बेटे-बहू के प्रेम विवाह से नाराज महिला ने नवजात का किया था सौदा
नवजात को बेचे जाने की हैरान और मानवता को शर्मशार करने वाली यह घटना नारायणपुर गांव में हुई थी। वहां बेटे और बहू के प्रेम विवाह से नाराज क्रिंता देवी नामक महिला द्वारा जन्म लेने के तुरंत बाद अपने पोते का पचास हजार रुपए में सौदा कर दिया गया था। बेटे और बहू को अलग करने की नीयत से क्रिंता देवी द्वारा सात दिसंबर को इस घटना को अंजाम दिया गया था। हालांकि गड़हनी थाने की पुलिस की सक्रियता से नवजात को सकुशल बरामद कर लिया गया। नवजात को बेचने और खरीदने वालों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
बता दें कि नारायणपुर गांव निवासी चितरंजन कुमार की पत्नी खुशबू कुमारी ने अगिआंव पीएचसी में सात दिसंबर को बेटा जना था। चूंकि चितरंजन कुमार और उसकी पत्नी खुशबू कुमारी रिश्ते में चचेरे भाई बहन थी।दोनों ने प्रेम विवाह किया था। उससे नाराज खुशबू की सास क्रिंता देवी ने सबक सिखाने के लिए जन्म के तुरंत बाद ही अपने नवजात पोते को पड़ोसी महिला और उसकी रिश्तेदार की मदद से डाक्टर दिलीप को पचास हजार में बेच दिया गया था।
खुशबू कुमारी की ओर से 16 दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज कराये जाने कै बाद पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए खुशबू कुमारी की सास क्रिंता देवी, उसी गांव की कविता शर्मा और आरा निवासी कविता शर्मा की रिश्तेदार होमगार्ड की सिपाही चांदनी शर्मा के अलावे डाक्टर की सहयोगी प्रीति कुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया था। इन चारों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए काफी महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुई।
चारों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दबिश बढ़ाईं, तो मुख्य आरोपित रोहतास जिले के निवासी ग्रामीण चिकित्सक दिलीप उर्फ हरिशंकर पंडित द्वारा थाने में सरेंडर कर दिया गया। उसकी निशानदेही पर उसके दो अन्य सहयोगियों को औरंगाबाद और पीरो से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में तीनों ने पुलिस को बताया कि नवजात झारखंड निवासी महिला को बेचा गया है। उस आधार पर पुलिस की ओर से झारखंड में दबिश बढ़ाईं गई, तो नवजात खरीदने वाली महिला खुद बच्चा लेकर गड़हनी थाने में पहुंच गई।

