ODF Shahpur: यह अपने आप में एक चौंकाने वाली स्थिति है कि नगर पंचायत के लगभग 70% वार्ड सामुदायिक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं।
- हाइलाइट: ODF Shahpur
- वार्ड संख्या -01 में पूर्व से बना सामुदायिक शौचालय, चालू हालत में
- नगर के वार्ड संख्या -10 में बना सामुदायिक शौचालय, बंद हालत में है
- वार्ड संख्या -11 में कुल तीन सामुदायिक शौचालय का निर्माण, बंद हालत में
- नगर के वार्ड संख्या -02 से लेकर 09 तक यानि कुल आठ वार्डों में एक भी सामुदायिक शौचालय नहीं
आरा। स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य देश को खुले में शौच मुक्त (ODF) बनाना, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के स्तर में सुधार हो सके। इसी कड़ी में विभिन्न नगर पालिकाओं और पंचायतों को ODF घोषित किया गया। शाहपुर नगर पंचायत भी उन्हीं में से एक है जिसे खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है। हालांकि, जब इसकी जमीनी हकीकत की पड़ताल की जाती है, तो तस्वीर कुछ और ही नजर आती है, जो इस महत्वपूर्ण अभियान के मूल उद्देश्यों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।
शाहपुर नगर पंचायत में कुल 11 वार्ड हैं, और स्वच्छता मानकों के अनुसार, प्रत्येक वार्ड में पर्याप्त शौचालय सुविधाओं का होना अनिवार्य है, चाहे वे व्यक्तिगत हों या सामुदायिक। लेकिन शाहपुर नगर पंचायत की स्थिति यह दर्शाती है कि यहाँ सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था अत्यंत लचर और अपर्याप्त है। कुल 11 वार्डों में से, केवल तीन वार्डों—वार्ड संख्या 01, 10 और 11—में ही सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है, जबकि शेष आठ वार्डों में ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
स्थिति का विस्तृत विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि वार्ड संख्या 01 में पूर्व से निर्मित एक सामुदायिक शौचालय है, जो वर्तमान में चालू हालत में है और नागरिकों के उपयोग के लिए उपलब्ध है। यह एक सकारात्मक बिंदु है, लेकिन इसकी तुलना अन्य वार्डों की स्थिति से करने पर यह अपवाद मात्र प्रतीत होता है।
इसके विपरीत, वार्ड संख्या 10 में निर्मित सामुदायिक शौचालय, अपनी स्थापना के बावजूद, बंद पड़ा है। यह एक गंभीर विडंबना है कि जहाँ नागरिकों को शौचालय की सुविधा मिलनी चाहिए, वहाँ निर्मित संरचना भी अनुपयोगी बनी हुई है। इससे सार्वजनिक संसाधनों का व्यर्थ होना और नागरिकों की परेशानी, दोनों ही सामने आती हैं।
वार्ड संख्या 11 की स्थिति तो और भी चिंताजनक है। यहाँ प्रखंड कार्यालय परिसर में कुल तीन सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इन शौचालयों का ना तो कभी औपचारिक उद्घाटन हुआ है और ना ही ये कभी सार्वजनिक उपयोग के लिए चालू किए गए हैं। तीन-तीन शौचालयों का निर्माण होने के बावजूद उनका उपयोग न हो पाना, योजना के क्रियान्वयन में गंभीर खामियों और प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। हलाकी इनमे से एक रेफरल अस्पताल के समीप होने के कारण, काफी गंदगी के बावजूद लोग इमरजेंसी में यूज कर लेते है।
ODF Shahpur: कुल 11 वार्ड वाले शाहपुर नगर के आठ वार्डों में एक भी सामुदायिक शौचालय नहीं
नगर के वार्ड संख्या 02 से लेकर 09 तक की बात करें तो, इन आठ वार्डों में एक भी सामुदायिक शौचालय का निर्माण नहीं किया गया है। यह अपने आप में एक चौंकाने वाली स्थिति है कि नगर पंचायत के लगभग 70% वार्ड सामुदायिक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। वार्ड संख्या 07 में एक चलंत शौचालय रखा गया है, जो कि एक अस्थायी व्यवस्था है और स्थायी समाधान की कमी को उजागर करता है। यह स्पष्ट करता है कि अधिकांश वार्डों में नागरिकों को सार्वजनिक शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
किसी भी नगर या वार्ड को खुले में शौच मुक्त (ODF) घोषित करने के लिए कुछ निर्धारित प्रोटोकॉल और शर्तें होती हैं, जिनका पालन अनिवार्य है। यदि किसी नगर के वार्डों में पर्याप्त शौचालय सुविधाएं नहीं हैं और फिर भी उसे ODF घोषित किया गया है, तो यह स्पष्ट रूप से प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।
वार्डों में पर्याप्त और क्रियाशील शौचालय सुविधाओं का अभाव
शाहपुर नगर पंचायत की मौजूदा स्थिति, उपर्युक्त ODF मानदंडों को पूरा करती प्रतीत नहीं होती। अधिकांश वार्डों में सामुदायिक शौचालयों की अनुपस्थिति, निर्मित शौचालयों का बंद रहना और अपर्याप्त सुविधाओं के बावजूद ODF घोषणा, यह इंगित करती है कि जमीनी स्तर पर अभी भी बहुत काम किया जाना बाकी है। यह आवश्यक है कि नपं प्रशासन इस स्थिति का गंभीरता से संज्ञान ले और सभी वार्डों में पर्याप्त और क्रियाशील शौचालय सुविधाओं को सुनिश्चित करे ताकि शाहपुर नगर पंचायत वास्तव में खुले में शौच मुक्त बन सके और स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों की सच्ची भावना का सम्मान किया जा सके। यह नागरिकों के स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।











