Prince Yadav Murder Mystery: प्रिंस यादव की मां ने कहा मेरा बेटा नशा नहीं करता था, खान सर ने बर्बाद कर दिया हमारा परिवार।
- हाइलाइट: Prince Yadav Murder Mystery
- ‘मेरा बेटा स्वस्थ था, दुश्मनी में हमसे छीना गया’
- घटना के दिन फोन पर क्या हुआ? मां का बड़ा दावा
- रौशन आनंद ने खान पर लगाए संगीन आरोप
- ‘जेल में मुझे और बाहर भाई को निशाना बनाया’
पटना। ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल के एक होटल में हुई संदिग्ध मौत ने न केवल एक परिवार को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि इस पूरे प्रकरण ने कई गहरे सवाल भी खड़े कर दिए हैं। 15 जून 2026 को जब प्रिंस का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सहरसा के धमसैना पहुंचा, तो वहां का दृश्य अत्यंत हृदयविदारक था। बेटे के शव के सामने मां की बेसुध अवस्था और परिवार का क्रंदन इस बात को चीख-चीखकर कह रहा है कि यह मौत हादसा नहीं, गहरी साजिश का नतीजा है।
Prince Yadav Murder Mystery : मां के बयान ने दिया नया मोड़
प्रिंस यादव की असामयिक मृत्यु के बाद उठे विवादों के बीच उनकी मां के बयान ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। मां ने उन तमाम दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें प्रिंस की मौत को बीमारी या किसी नशीले पदार्थ के सेवन से जोड़कर देखा जा रहा था। मां का स्पष्ट कहना है कि उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ था और उसे किसी प्रकार का नशा या गलत लत नहीं थी। उन्होंने उन चर्चाओं को बेबुनियाद बताया है कि प्रिंस ने कोई नींद की गोली ली थी या किसी दवा का रिएक्शन हुआ था। मां का आरोप है कि पुरानी दुश्मनी के चलते उनके बेटे को एक सोची-समझी साजिश का शिकार बनाया गया है।
खान सर पर सीधा निशाना, परिवार को बर्बाद करने का संगीन आरोप
घटना के दिन के घटनाक्रम पर मां द्वारा किए गए खुलासे बेहद चौंकाने वाले हैं। उन्होंने बताया कि सुबह के समय उनकी प्रिंस से सामान्य बातचीत हुई थी, जिसमें वह बिल्कुल स्वस्थ लग रहा था। इसके बाद जब उन्होंने दोबारा फोन करने की कोशिश की, तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बेटे से बात करने नहीं दिया। दोपहर बाद से लगातार बहाने बनाए गए कि प्रिंस को बुखार है और वह दवा खाकर सो रहा है। मां ने इस दौरान खान सर पर सीधा निशाना साधते हुए अपने परिवार को बर्बाद करने का संगीन आरोप लगाया है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि प्रिंस की मौत के घंटों पहले ही परिवार को अंधेरे में रखा गया था।
रौशन आनंद सर द्वारा सीबीआई जांच की मांग
दूसरी ओर, जेल से रिहा हुए रौशन आनंद ने इस पूरे मामले को अपने और अपने परिवार के खिलाफ रची गई एक बड़ी साजिश करार दिया है। रौशन आनंद का आरोप है कि उन्हें पहले कानूनी पेचीदगियों में फंसाकर जेल भिजवाया गया और जब वे वहां कैद थे, तब उनके छोटे भाई को नेपाल में निशाना बनाया गया। रौशन ने सरकार और प्रशासन से इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच की पुरजोर मांग की है। उनका मानना है कि सच्चाई तभी सामने आ सकेगी जब एक निष्पक्ष केंद्रीय एजेंसी इसकी जांच करेगी।
खान सर पर जेल के भीतर भी हत्या की साजिश रचने का आरोप
रौशन आनंद ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी कई गंभीर खुलासे किए हैं। उन्होंने ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर पर जेल के भीतर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। रौशन का दावा है कि जब वे बेऊर जेल में बंद थे, तब खान सर के दो सुरक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर उसी जेल में भेजा गया था। रौशन के अनुसार, उन गार्डों ने जेल प्रशासन की निगरानी के बावजूद उन्हें खत्म करने का षड्यंत्र रचा था। यदि जेल प्रशासन की सतर्कता नहीं होती, तो शायद वह भी आज जीवित नहीं होते।
फिलहाल, पूरा सहरसा और बिहार इस बात का उत्तर तलाश रहा है कि आखिर प्रिंस यादव की मौत का सच क्या है और क्या इसके पीछे के असली दोषियों को कानून की जद में लाया जा सकेगा? यह प्रकरण न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि सार्वजनिक जीवन और प्रतिस्पर्धा के बदलते हुए हिंसक स्वरूप पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह भी है।




