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रिटायर्ड नहीं, सिटिंग जज से हो भरत तिवारी मामले की जांच : उदय नारायण चौधरी

RJD Bilauti: श्री चौधरी ने इस तर्क पर जोर दिया कि अक्सर रिटायर्ड जजों द्वारा की जाने वाली जांच का परिणाम केवल खानापूर्ति या लीपापोती तक सीमित रह जाता है।

jay kumar
  • हाइलाइट: RJD Bilauti
  • भरत तिवारी मामले में निष्पक्ष जांच की मांग:
  • सर्वदलीय समिति से हो जांच, भरत तिवारी मामले में राजद की नई मांग
  • राजद ने उठाई न्यायिक और प्रशासनिक कार्रवाई की आवाज

आरा। बिहार के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों भरत भूषण तिवारी का कथित एनकाउंटर मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इस प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अब आक्रामक रुख अपनाते हुए नजर आ रहा है।रविवार को बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बिलौटी गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया।

RJD Bilauti : विधानसभा की एक सर्वदलीय समिति का गठन हो

इस संवेदनशील मामले पर अपनी बात रखते हुए उदय नारायण चौधरी ने एक महत्वपूर्ण मांग रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश के बजाय एक कार्यरत (सिटिंग) न्यायाधीश से करवाई जानी चाहिए। चौधरी ने इस तर्क पर जोर दिया कि अक्सर रिटायर्ड जजों द्वारा की जाने वाली जांच का परिणाम केवल खानापूर्ति या लीपापोती तक सीमित रह जाता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इस पूरी घटना की सच्चाई उजागर करने के लिए विधानसभा की एक सर्वदलीय समिति का गठन किया जाना चाहिए, जो निष्पक्ष रूप से सभी तथ्यों की जांच कर सके।

जवइनिया के विस्थापित लोगों के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे थे भरत तिवारी

राजद नेताओं का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी गरीबों के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे थे, जिसके कारण उन्हें अधिकारियों द्वारा लगातार प्रताड़ित किया गया। पार्टी नेताओं का मानना है कि उन्हें उकसाकर एक ऐसी स्थिति में धकेला गया, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें गोली मार दी। इस पूरी घटना को राजद ने फर्जी एनकाउंटर करार देते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़ित परिवार के समर्थन में राजद की मांगे

पीड़ित परिवार के समर्थन में राजद ने कई मांगें रखी हैं। इनमें भरत भूषण तिवारी को शहीद का दर्जा देने, उनके आश्रितों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान करने और उनके भाई को सरकारी नौकरी देने की मांग प्रमुख है। इसके अतिरिक्त, बिलौटी गांव में उनकी स्मृति में एक स्मारक बनाने की भी वकालत की गई है।

राजद के प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक विजेंद्र यादव, रामविशुन लोहिया, अरुण यादव और पार्टी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी जिलाध्यक्ष बीरबल यादव समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। भोजपुर-बक्सर के विधान पार्षद सोनू राय ने कहा कि जब तक भरत भूषण तिवारी के परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक राजद का संघर्ष जारी रहेगा।

Bijay singh
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