Raja Kumar Das Arrested: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने गुरुवार को पीरो अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी को 20 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
- हाइलाइट्स:
- जमीन दाखिल खारिज करने के एवज में मांगी जा रही थी 45 हजार रुपये की रिश्वत
- पीरो थाना क्षेत्र के पीरो अंचल कार्यालय से हुई गिरफ्तारी
आरा: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने गुरुवार को पीरो अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी को 20 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। घूस की यह रकम जमीन दाखिल-खारिज करने के एवज में वसूली जा रही थी। गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी मधुबनी जिले के रहिका गांव निवासी राजा कुमार दास है। वह कुछ वर्ष से पीरो अंचल कार्यालय में राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत है।
बताया जाता है कि हसन बाजार थाना क्षेत्र के वैसाडीह गांव निवासी स्व. श्रीनिवास उपाध्याय के पुत्र महावीर जी ने अपनी खतियानी जमीन 165.5 डिसमिल का परिमार्जन ऑनलाइन किया था, जिसमें 128.5 डिसमिल जमीन का रसीद कट चुका है। शेष जमीन का दाखिल खारिज एवं परिमार्जन करने को लेकर राजस्व कर्मचारी राजा कुमार दास द्वारा 45 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।
इसे लेकर 8 जुलाई को महावीर जी के द्वारा पटना निगरानी विभाग को उनके खिलाफ आवेदन दिया गया था। जिसके बाद निगरानी विभाग द्वारा इसकी जांच की गई और जांच के दौरान मामला सत्य पाया गया। जिसके बाद निगरानी की टीम द्वारा धावा दल का गठन किया गया।
Raja Kumar Das Arrested: पीरो अंचल कार्यालय से 20 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार
तयशुदा रणनीति के तहत निगरानी के टीम में गुरुवार को पीरो अंचल कार्यालय से 20 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद निगरानी विभाग की टीम उसे अपने साथ पटना ले गई। छापेमारी का नेतृत्व निगरानी विभाग के उपाधीक्षक पवन कुमार कर रहे थे।
इधर, शिकायतकर्ता महावीर जी ने बताया कि दो बीघा जमीन का परिमार्जन करना था और 10 कट्ठा जमीन का दाखिल खारिज करना था। इसे लेकर उन्हें 2021 से ही कर्मचारियों द्वारा दौड़ाया जा रहा था। 5 जुलाई को जब वह राजस्व कर्मचारी राजा कुमार दास के पास गए थे और उनके द्वारा 48 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी और 45 हजार रुपये पर फाइनल हुआ था।
उनके द्वारा कहा गया था कि जब पैसा मिलेगा तब काम होगा। इसके बाद उन्होंने उनके कार्यालय में ही जाकर 20 हजार रुपये नगद रिश्वत दिया था। इसके बाद उनके द्वारा 8 जुलाई को इसकी शिकायत पटना निगरानी विभाग में की गई। 9 जुलाई को निगरानी की टीम पीरो पहुंची और इनकी जांच की गई। सत्यापन उपरांत 10 जुलाई को छापेमारी कर उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।


