Homeस्वास्थ्यहार्ट अटैक (एससीडी) के खतरे से बचे लोग-डाॅ.अमीत जयसवाल

हार्ट अटैक (एससीडी) के खतरे से बचे लोग-डाॅ.अमीत जयसवाल

Dr. Amit Jaiswal- पारस हॉस्पिटल पटना तथा मैक्स हॉस्पिटल न्यू दिल्ली के पूर्व ह्रदय रोग विशेषज्ञ

खबरे आपकी आरा। वर्तमान समय में हार्ट अटैक सडन कार्डियक डेथ (एससीडी) के मामले विशेषकर युवाओं में काफी देखे जा रहे हैं। कोई खेल खेलते हुए, जिम में एक्सरसाइज करते हुए, डांस करते हुए या कई बार नींद में ही लोगों का दिल बंद हो जाता है और उनकी मृत्यु हो जाती है। उक्त बातें आरा शहर के हरी जी हाता स्थित हार्ट केयर सेंटर के संचालक) डॉ. अमित कुमार जायसवाल (पारस हॉस्पिटल पटना तथा मैक्स हॉस्पिटल न्यू दिल्ली के पूर्व ह्रदय रोग विशेषज्ञ ने कही।

Dr. Amit Jaiswal- लंबे समय तक बैठे रहना भी सेहत को नुकसान पहुंचा रहा

उन्होंने कहा कि हृदय की धड़कन अनियंत्रित हो जाना इसका प्रमुख कारण माना जाता है। कुछ लोग हृदय की गड़बड़ियों के साथ जन्म लेते हैं, जैसे हृदय की मांसपेशियां, धमनिया एवं वाॅल्व की खराबी से भी (एससीडी) का खतरा बढ़ जाता है,। लंबे समय तक बैठे रहना भी सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है। एससीडी के मामले पुरुषों में अधिक होते हैं। माना जाता है कि एस्ट्रोजेंस वह प्रोजेस्ट्राॅन हारमोंस महिलाओं के दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

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डॉ. जयसवाल ने बताया कि देश में हार्ड अटैक के 50 फ़ीसदी मामले 50 साल से कम उम्र के लोगों में और 25 फ़ीसदी मामले 40 से कम उम्र के लोगों में सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सेन्टर पर पीएफटी, होलटर मोनिटरिंग, टीएमटी डीफिबिलेटर, स्ट्रेस इक्को, ट्राॅप-टी, ईसीजी, 2D इकोकार्डियोग्राफी नेबुलाइजर आदि की सुविधा सप्ताह के सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को उपलब्ध है।

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KRISHNA KUMAR
KRISHNA KUMAR
बिहार के आरा निवासी डॉ. कृष्ण कुमार एक भारतीय पत्रकार है। डॉ. कृष्ण कुमार हिन्दी समाचार खबरें आपकी के संपादक एवं न्यूज पोर्टल वेबसाईट के प्रमुख लोगों में से एक है।
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