Thawe temple theft: भोजपुर कनेक्शन के खुलासे के बाद शाहपुर थाना क्षेत्र के रानीसागर गांव और आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया है।
- हाइलाइट: Thawe temple theft
- आरोपी की प्रेमिका, जो ऑर्केस्ट्रा में डांसर का काम करती है, के साथ ‘पति-पत्नी’ के रूप में रह रहा था।
बिहार: गोपालगंज के प्रतिष्ठित थावे काली मंदिर में हुई करोड़ों रुपये के आभूषणों की चोरी ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया था। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दूसरे आरोपी इजमामुल आलम को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल चोरी का ‘भोजपुर कनेक्शन’ भी सामने आ गया है। इजमामुल आलम की गिरफ्तारी और उसके भोजपुर कनेक्शन के खुलासे के बाद शाहपुर थाना क्षेत्र के रानीसागर गांव और आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया है। जब स्थानीय निवासियों को इस घटनाक्रम की जानकारी मिली तो चारों तरफ सनसनी फैल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थावे मंदिर में हुई इस दुस्साहसिक चोरी का दूसरा मुख्य आरोपी इजमामुल आलम पूर्वी चंपारण जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र के गोविंदगंज वार्ड संख्या 12 का निवासी है। चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद वह भोजपुर जिला के शाहपुर थाना क्षेत्र के रानीसागर गांव में एक डांसर के साथ छिपकर रह रहा था। शनिवार को पुलिस ने एक सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए रानीसागर गांव में इजमामुल आलम का घेराव किया। इस दौरान हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस उसे गिरफ्तार करने में सफल रही। गौरतलब है कि इस मामले का मास्टरमाइंड दीपक राय, जिसने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से बिहार तक अपना आपराधिक नेटवर्क फैला रखा था, उसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
Thawe temple theft: आरोपी का ठिकाना शाहपुर थाना क्षेत्र के रानीसागर गांव
जांच में सामने आया है कि इजमामुल आलम ने चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद शाहपुर थाना क्षेत्र के रानीसागर गांव को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाया था। वह यहां एक किराए के मकान में अपनी प्रेमिका, जो ऑर्केस्ट्रा में डांसर का काम करती है, के साथ ‘पति-पत्नी’ के रूप में रह रहा था। ग्राउंड जीरो पर की गई पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी पिछले लगभग एक साल से अपनी पहचान छिपाकर यहां निवास कर रहा था। जिस मकान में वह छिपा था, उसके ग्राउंड फ्लोर पर गेट ग्रिल बनाने का काम होता है, जबकि वह उसके ऊपर वाले फ्लोर पर रह रहा था। स्थानीय लोगों को इसकी भनक तक नहीं थी कि उनके बीच रहने वाला यह व्यक्ति एक बड़े आपराधिक मामले का वांछित अपराधी है।
इजमामुल आलम की गिरफ्तारी और उसके भोजपुर कनेक्शन के खुलासे के बाद पूरे रानीसागर गांव और आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया है। जब स्थानीय निवासियों को इस घटनाक्रम की जानकारी मिली तो चारों तरफ सनसनी फैल गई। लोगों का कहना है कि आरोपी शांतिपूर्वक यहां रहता था, लेकिन वह किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था और न ही कोई बातचीत करता था। यही कारण रहा कि स्थानीय लोग उसकी असली पहचान और उसके आपराधिक इरादों से अनभिज्ञ रहे।
हालांकि, इस संवेदनशील मामले पर भोजपुर पुलिस फिलहाल आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से परहेज कर रही है, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, अभी भी थावे मंदिर से चोरी हुए माता के कीमती आभूषणों की बरामदगी नहीं हो पाई है, जो पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। दीपक राय और इजमामुल आलम के नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने और चोरी के सभी माल की बरामदगी के लिए विस्तृत जांच जारी है। उम्मीद है कि शीघ्र ही इस मामले से जुड़े सभी रहस्यों से पर्दा उठ सकेगा और माता के गहने बरामद किए जा सकेंगे।


