Budget Boycotts: शाहपुर नगर पंचायत: बजट बैठक में पारदर्शिता के अभाव और विकास कार्यों की अनदेखी पर वार्ड पार्षद ने जताया विरोध
- हाइलाइट: Budget Boycotts
- पिछले बजट सत्र में कितनी राशि प्राप्त हुई, कितनी खर्च हुई नहीं बताया गया
- पार्षद कामेश्वर राज ने कहा: मूकदर्शक बनकर सदन में बैठना उन्हें पसंद नहीं
आरा। शाहपुर नगर पंचायत की हालिया बजट बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। वार्ड संख्या-04 के पार्षद कामेश्वर राज ने इस महत्वपूर्ण बैठक का बहिष्कार करते हुए नगर पंचायत प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षद कामेश्वर राज ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उनके द्वारा बाजार में सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए दिए गए महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनता की मूलभूत आवश्यकताओं की अनदेखी करना चिंताजनक है।
वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए पार्षद ने कहा कि बजट के प्रारूप को लेकर अपनी असमंजसता व्यक्त की और इसे समझने में जटिल बताया। उनके अनुसार, सरकार से कितनी राशि प्राप्त हुई, कितनी खर्च हुई और कितनी बचत हुई है नहीं बताया गया। उन्होंने पिछले बजट सत्र का हवाला देते हुए कहा कि उस समय भी उन्होंने विभिन्न मदों में हुए खर्चों का ब्योरा मांगा था, जिस पर उन्हें केवल आश्वासन ही मिला।
कार्यपालक पदाधिकारी की भूमिका पर चर्चा करते हुए पार्षद राज ने बताया कि पिछले वर्ष की बैठक में उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखित हिसाब की मांग की थी। उस समय पदाधिकारी ने विवरण उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था, लेकिन आज तक न तो मौखिक और न ही लिखित रूप में कोई जानकारी साझा की गई।
कामेश्वर राज ने अपने कड़े रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि बिना किसी ठोस जानकारी और हिसाब-किताब के बैठक में मूकदर्शक बनकर बैठना उन्हें उचित नहीं लगा। एक जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि वह विकास कार्यों और सरकारी धन के सदुपयोग पर नजर रखें। यदि प्रशासन पूर्ण विवरण और विवरण पत्र साझा करने में विफल रहता है, तो ऐसी औपचारिक बैठकों में शामिल होने का कोई लाभ नहीं है। पार्षद का यह कदम नगर पंचायत प्रशासन के भीतर जवाबदेही और पारदर्शिता की आवश्यकता को रेखांकित करता है।


