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जवइनिया बोल्डर पिचिंग कार्य में अनियमितता की जांच, उड़न दस्ता दल ने लिए नमूने

Javainiya Boulder pitching work: गंगा नदी के कटाव निरोधी कार्य के तहत जवइनिया गांव के समीप चल रहे बोल्डर पिचिंग कार्य में कथित अनियमितताओं की शिकायत पर जल संसाधन विभाग के उड़न दस्ता प्रमंडल-6 की टीम ने शुक्रवार को गहन जांच की।

jay kumar
  • हाइलाइट: Javainiya Boulder pitching work
  • जवइनिया बोल्डर पिचिंग कार्य में गंभीर अनियमितता:
  • विभागीय जांच में कई खामियां उजागर
  • मिर्जापुर की जगह रीवा से आए बोल्डर
  • जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी

आरा। भोजपुर के शाहपुर प्रखंड क्षेत्र के जवइनिया गांव के समीप गंगा नदी के कटाव को रोकने के लिए चल रहे बोल्डर पिचिंग कार्य में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस परियोजना को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई शिकायतों के बाद जल संसाधन विभाग का उड़न दस्ता प्रमंडल-6 हरकत में आया और शुक्रवार को स्थल पर पहुंचकर विस्तृत जांच की।

कार्यपालक अभियंता ई. राजेश रंजन कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने करीब पांच घंटे तक गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान कार्य में अपनाई गई प्रक्रियाओं और सामग्रियों की गुणवत्ता में भारी खामियां पाई गई हैं। उड़न दस्ता दल ने स्पष्ट किया कि निर्धारित मानदंडों का पालन न करना परियोजना की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हो सकता है।

Javainiya Boulder pitching work: जांच में सामने आई मुख्य अनियमितताएं

टीम द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में कई गंभीर तथ्य प्रकाश में आए हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि परियोजना का लगभग 45 मीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश की भौगोलिक सीमा के भीतर कराया गया है, जो विभागीय नियमों के उल्लंघन की ओर संकेत करता है। इसके अतिरिक्त, निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठे हैं।

जांच दल ने पाया कि बालू से भरी बोरियों का वजन निर्धारित 50 किलोग्राम के स्थान पर मात्र 45 किलोग्राम था। साथ ही, इन बोरियों की सिलाई सिंगल की गई थी, जबकि विभागीय मानकों के अनुसार डबल सिलाई अनिवार्य है ताकि कटाव रोकने में उनकी मजबूती बनी रहे।

सामग्री की गुणवत्ता में हेरफेर:

परियोजना की सबसे बड़ी गड़बड़ी पत्थरों (बोल्डर) की आपूर्ति में पाई गई। अनुबंध के अनुसार, बोल्डर की आपूर्ति उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से होनी थी, लेकिन संवेदक द्वारा नियम विरुद्ध मध्य प्रदेश के रीवा से बोल्डर मंगवाए गए हैं। मौके पर की गई जांच में ये बोल्डर न केवल निम्न गुणवत्ता के पाए गए, बल्कि इनका आकार भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था। टीम ने बोल्डर, बालू, परकोपाइन सामग्री और खाली बोरियों के नमूने साक्ष्य के रूप में जब्त किए हैं।

शिकायत और विभागीय कार्रवाई:

इस पूरे मामले का संज्ञान संदेश के विधायक राधाचरण साह और शाहपुर की पूर्व विधायक मुन्नी देवी द्वारा भेजे गए पत्रों के बाद लिया गया। उन्होंने मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव और मुख्यमंत्री सचिवालय से लिखित शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की थी। जांच के दौरान शिकायतकर्ता जनप्रतिनिधियों के नामित प्रतिनिधि पंकज कुमार राय और अरविंद पांडेय की उपस्थिति में सभी नमूनों को सील किया गया।

उल्लेखनीय है कि जवइनिया के निकट गंगा कटाव को रोकने के लिए सरकार द्वारा लगभग 52 करोड़ 56 लाख रुपये की भारी धनराशि खर्च की जा रही है, ताकि 1200 मीटर के क्षेत्र को सुरक्षित किया जा सके। करोड़ों की इस महत्वकांक्षी परियोजना में सामने आई ये अनियमितताएं संवेदक की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं।

Bijay singh

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