Charpokhari Bhojpur: भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के ठकुरी मोड़ के पास कार सवार लोगों पर फायरिंग किए जाने के मामला सामने आया है।
- हाइलाइट: Charpokhari Bhojpur
- मनरेगा योजना की जांच के लिए दिए आवेदन वापस नहीं लेने पर की गई फायरिंग
- चरपोखरी थाना क्षेत्र के ठकुरी मोड के पास 22 जून की रात्रि की घटना
- भुक्तभोगी के लिखित आवेदन के आधार पर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज
आरा। जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के ठकुरी मोड़ के पास कार सवार लोगों पर फायरिंग किए जाने के मामला सामने आया है। इस दौरान कर सवार लोग बाल-बाल बच गए। घटना 22 जून की रात्रि करीब 12 बजे की बताई जा रही है। इस संबंध में भुक्तभोगी द्वारा स्थानीय थाने में लिखित आवेदन देकर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
दिए गए आवेदन में जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के कनई निवासी सूरज प्रकाश सिंह ने कहा है कि 22 जून की रात्रि में गांव से सेमरांव दुलउर टोला से बारात समारोह से वापस अपने गांव लौट रहा था। तभी रात्रि पौने 11 से 12 बजे के बीच ठकुरी मोड पर पहुंचा, तो देखा कि आदित्य राज उर्फ मिथुन सिंह अपने हाथ में राइफल लेकर खड़े हैं।
Charpokhari Bhojpur : ठकुरी मोड़ के समीप घटना
साथ में हरेराम सिंह, धीरज सिंह, संतोष कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार सिंह एवं अभय पाठक सभी ग्राम ठकुरी अपने-अपने हाथ में देसी कट्टा एवं पिस्टल लिए हुए थे। जैसे ही मेरी गाड़ी ठकुरी मोड पर पहुंची, मेरी गाड़ी को उक्त सभी लोगों ने रोकने का प्रयास किया। जब मैंने गाड़ी नहीं रोका, तो मिथुन सिंह ने अपने राइफल से मेरे गाड़ी पर गोली चला दी।
गोली मेरे गाड़ी के पीछे से छेद करती हुई दाहिने साइड निकल गई, जिससे गाड़ी का बॉडी क्षतिग्रस्त हो गया और अन्य सभी व्यक्ति फायर करते हुए मेरी गाड़ी का पीछा करने लगे। इसी बीच मेरे साथ गाड़ी में बैठे गांव के कृष्णा सिंह, हरिशंकर सिंह, राजन सिंह, गौरव कुमार सभी लोग गाड़ी में मौजूद थे। गोली चलते ही वे चीखने-चिल्लाने लगे तथा किसी तरह जान बचाकर अपने गांव पहुंचे। इस घटना की जानकारी चरपोखरी थाना पुलिस को दिया।
दिए गए आवेदन में घटना का कारण यह बताया गया है कि सुरतज सिंह द्वारा मुखिया पति मिथुन सिंह एवं जितने भी लोग इस कांड में सनलिप्त हैं। उनके द्वारा किया गया मनरेगा योजना पर मेरे द्वारा जांच करने के लिए वरीय पदाधिकारी को आवेदन दिया गया है, जिसकी जांच चल रहा है। इसी क्रम में उक्त व्यक्तियों द्वारा आवेदन वापस लेने की धमकी दी जा रही थी। जब मैं आवेदन वापस नहीं लिया, तब मुझ पर जान मारने की नीयत से फायरिंग की गई, जिसने राइफल से गोली चलाया गया। उस हथियार का लाइसेंस उसके पिता का नाम पर है।

