justice for Bharat Tiwari: भोजपुर के बहुचर्चित भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर मामले में अब न्याय की यह संघर्ष स्थानीय स्तर से निकलकर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंच गई है।
- हाइलाइट: justice for Bharat Tiwari
- भरत तिवारी के लिए न्याय की मांग लेकर जंतर-मंतर पहुंचा परिवार
- भाई चंदन तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
- आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर परशुराम दल के बैनर तले होगा धरना
आरा। भोजपुर के बहुचर्चित भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर मामले में अब न्याय की यह लड़ाई स्थानीय स्तर से निकलकर देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों तक पहुंच गई है। अपने भाई को खोने के बाद से ही चंदन तिवारी न्याय के लिए अडिग खड़े हैं। अब जंतर-मंतर से उठने वाली आवाज सरकार और संबंधित एजेंसियों तक पहुंचे, इसी उद्देश्य से आज रविवार 12 जुलाई को शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया गया है।
दिल्ली पहुंचे चंदन तिवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपनी पीड़ा और मांग को पूरे देश के सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका परिवार 17 जून से इंसाफ के लिए पुकार कर रहा है, लेकिन अभी तक उन्हें वह न्याय नहीं मिल सका है जिसके वे हकदार हैं। चंदन की मांग साफ है – इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी अधिकारी हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
justice for Bharat Tiwari : दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरने का आयोजन आज
इस संघर्ष को एक नई दिशा देने के लिए आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक शांतिपूर्ण धरने का आयोजन किया जा रहा है। परशुराम दल के बैनर तले होने वाले इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य सरकार और संबंधित एजेंसियों का ध्यान इस मामले की ओर खींचना है। परशुराम दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगाधर शर्मा ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन को पहले ही सूचित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह से लोकतांत्रिक होगा और सभी नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाई जाएगी।
चंदन तिवारी का कहना है कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर आज भी पूरा भरोसा है। उन्हें उम्मीद है कि जब उनकी आवाज जंतर-मंतर जैसे महत्वपूर्ण स्थान से उठेगी, तो सच्चाई किसी न किसी रूप में जरूर सामने आएगी। आज के इस धरने में भरत तिवारी के परिवार के साथ-साथ कई शुभचिंतक और न्याय के पक्षधर लोग शामिल हो रहे हैं। उम्मीद है कि दिल्ली की गूंज संबंधित जिम्मेदार लोगों तक पहुंचेगी और भरत तिवारी के परिवार को वह न्याय मिलेगा, जिसकी वे 17 जून से प्रतीक्षा कर रहे हैं।

