- हाइलाइट्स: Arrah Cyber Police Station
- आरा साइबर थाने की पुलिस को सफलता: रोहतास से पकड़ा गया फ्रॉड
- आरा के ठगी के केस में जांच में जुटी पुलिस के हाथ लग गया बेंगलुरु में ठगी का आरोपित
बिहार(भोजपुर)। आरा की साइबर थाने की पुलिस को लाखों रुपए की ठगी में एक अंतरराज्यीय फ्रॉड को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। वह रोहतास जिले के दावत थाने क्षेत्र के अवाढ़ी गांव निवासी अशोक कुमार राम का पुत्र ज्ञान प्रकाश है। साइबर डीएसपी स्नेह सेतू के नेतृत्व में तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के तहत उसे रोहतास जिले से ही गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से दो मोबाइल भी जब्त किये गये हैं। वह आरा के अलावे ईस्ट बेंगलुरु डिवीजन में दर्ज साइबर ठगी के मामले में वह वांछित था।
पुलिस की ओर से बुधवार की शाम प्रेस बयान जारी कर गिरफ्तारी की पुष्टि की गयी है। प्रेस बयान के अनुसार चौरी थाना क्षेत्र के कौलोडिहरी गांव निवासी साइबर कैफे संचालक मनीष कुमार की ओर से पिछले दिनों शिकायत दर्ज करायी गयी थी। उसमें कहा गया था कि गत सात अप्रैल की शाम एक अज्ञात युवक यूपीआई स्कैनर के जरिए उसके खाते में बीस हजार रुपए डाला गया था। बदले में उसने कैश लिया गया था। उसके बाद उनका खाता होल्ड हो गया था।
तब उस मामले की जांच और साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी राज की ओर से डीएसपी स्नेह सेतू के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान शुरू किया गया। उसमें यूपीआई स्कैनर से पैसे भेजने वाले साइबर फ्रॉड की पहचान रोहतास के अवाढ़ी गांव निवासी ज्ञान प्रकाश के रूप में की गयी। उसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए सोमवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में उसने घटना करने की बात स्वीकार कर ली। छानबीन और उससे पूछताछ में पता चला कि ज्ञान प्रकाश द्वारा उसके द्वारा इसी साल अप्रैल में बेंगलूर में भी एक लाख 75 हजार 662 रुपए की साइबर ठगी की गयी है। उस मामले में उसके खिलाफ बेंगलुरु के पुलाकेशी नगर थाने में केस दर्ज है। टीम में साइबर थाने के इंस्पेक्टर पिंटू कुमार, दारोगा गांधी नाथ पाठक, स्वाति रानी, मो. अली, पीटीसी जीतेंद्र कुमार, सिपाही अमरेंद्र कुमार और चालक सिपाही शाहबाज आलम शामिल थे।


