मुहर्रम पर्व के अवसर पर सार्वजनिक मजलिस पर रहेगी रोक
आरा। मुख्य सचिव, बिहार के द्वारा (Muharram) मुहर्रम पर्व के अवसर पर विधि व्यवस्था संधारण के निमित्त विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। 30 अगस्त को मुहर्रम (Muharram) का पर्व मनाया जाना है।
इस अवसर पर मुस्लिम संप्रदाय के लोगों के द्वारा तजिया निकालने की परंपरा रही है, जिसमें काफी संख्या में लोग जमा होते हैं। लेकिन इस वर्ष कोविड-19 महामारी के कारण (Muharram) मुहर्रम पर्व के आयोजन के संबंध में निम्नांकित निर्देश दिया गया।
जुलूस निकालने एवं अस्त्र शस्त्र के प्रदर्शन पर भी रहेगी पूर्णतः रोक
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(Muharram) मुहर्रम पर्व के आयोजन को लेकर तजिया कमेटी के सदस्यों एवं अन्य प्रबुद्ध नागरिकों के साथ शांति समिति की बैठक करेंगे। कोविड-19 के महामारी को देखते हुए (Muharram) मुहर्रम पर्व के अवसर पर तजिया निकालने, अखाड़ा का आयोजन, जुलूस निकालने एवं अस्त्र शस्त्र के प्रदर्शन पर पूर्णतः रोक रहेगी।
अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत (Muharram) मुहर्रम पर्व के मद्देनजर संवेदनशील स्थलों का चयन करेंगे एवं सुरक्षा की पूरी व्यवस्था करेंगे। वैसे व्यक्तियों को चिन्हित करेंगे। जिनके द्वारा (Muharram) मुहर्रम पर्व के अवसर पर सांप्रदायिक सौहार्द, विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न की जा सकती है तथा उनके विरूद्ध दंप्रसं की धारा 107 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करेंगे ।
किसी भी सार्वजनिक स्थानों पर तजिया नहीं जायेगा। इमामबाड़ा, मस्जिदों, करबला आदि के सजावट एवं साफ-सफाई की अनुमति रहेगी, परंतु उक्त स्थल पर अधिक लोग उपस्थित नहीं होंगे ।
कोविड-19 के मद्देनजर कर्बला में किसी भी प्रकार का नही होगा प्रसाद वितरण
मस्जिद, इमामबाड़ा आदि जगहों पर प्रवचन की अनुमति रहेगी परंतु प्रवचन में बहुत सीमित संख्या में लोग उपस्थित रहेंगे । प्रवचन का लाईव स्ट्रीमिंग सोशल मीडिया आदि पर करने की अनुमति रहेगी। (Muharram) मुहर्रम पर्व के अवसर पर सार्वजनिक मजलिस पर रोक रहेगी। कोविड-19 के मद्देनजर कर्बला में किसी भी प्रकार का प्रसाद वितरण नहीं किया जायेगा।
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