Bilauti Encounter: बिहार के बहुचर्चित शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस द्वारा बड़ी कार्रवाई की गयी है।
- हाइलाइट: Bilauti Encounter
- एसटीएफ और भोजपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरा से पकड़ा गया आरोपित जवान
- एसटीएफ जवान पर भरत तिवारी को गोली मारने का लगाया गया था आरोप
- अनुसंधान में आरोप सत्य पाये जाने के बाद पुलिस ने गुरुवार की रात जवान को पकड़ा
- भारत तिवारी की मां के बयान पर शाहपुर थाने में दर्ज की गयी थी हत्या की प्राथमिकी
- हथियार फेंके जाने के बाद जवान सहित अन्य अधिकारियों व कर्मियों पर भरत को गोली मारने का आरोप
आरा। बिहार के बहुचर्चित शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस द्वारा बड़ी कार्रवाई की गयी है। पुलिस ने भरत भूषण तिवारी की हत्या के आरोपित एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। वह अरवल जिले के वंशी थाना क्षेत्र के वंशी गांव का निवासी है।
भोजपुर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में उसे गुरुवार की देर रात आरा से गिरफ्तार किया गया है। जवान अक्षय कुमार पर एनकाउंटर के दौरान भरत भूषण तिवारी को पांच गोलियां मारने का आरोप लगा है। परिजनों की ओर से पुलिस के वरीय अधिकारियों के अलावे न्यायिक जांच आयोग के समक्ष गवाही के दौरान भी अक्षय कुमार पर भरत भूषण तिवारी को गोली मारने का आरोप लगाया गया था।
उसे पूर्व में ही निलंबित कर दिया गया और फॉरेंसिक जांच के लिए उसकी सरकारी पिस्टल भी जब्त कर ली गयी है। पुलिस की अनुसंधान में आरोप सत्य पाये जाने के बाद तकनीकी और मोबाइल सर्विलांस के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। भोजपुर पुलिस अधीक्षक राज की ओर से एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी की पुष्टि की गयी है।
Bilauti Encounter : एनकाउंटर पूर्व फेसबुक पर लाइव था भरत तिवारी
बता दें कि 17 जून की सुबह शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस ने उसी गांव के निवासी काशीनाथ तिवारी के पुत्र भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर कर दिया था। उसमें गोली लगने से जख्मी भरत भूषण तिवारी की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। पूरा एनकाउंटर फेसबुक पर लाइव था, जिसमें हथियार फेंके जाते देखा गया था।
आरोप है कि हथियार फेंके जाने के बाद पुलिस द्वारा भरत भूषण तिवारी को गोली मारी गई थी। उसके बाद जमकर हंगामा भी मचा था। उस मामले मे भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी के आवेदन पर शाहपुर थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी।
कांड संख्या 178/26 दिनांक 22/06/2026 के तहत दर्ज प्राथमिकी में जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ राजेश शर्मा और तब शाहपुर के थानाध्यक्ष रहे इंस्पेक्टर राजेश मालाकार को नामजद किया गया है। अन्य पुलिस कर्मियों को भी आरोपित किया गया है।
प्राथमिकी में बीएनएस की धारा 103 के साथ ही आर्म्स एक्ट भी लगाया गया था। पुलिस कर्मियों पर जवइनिया के कटाव पीड़ितों की समस्या जानने के बहाने ले जाकर भरत भूषण तिवारी की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया गया था।
इधर, घटना के 43 दिन बाद हत्या आरोपित एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी से भरत भूषण तिवारी के परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। परिजनों की ओर से आरोपित एसडीपीओ और थानाध्यक्ष की गिरफ्तारी की भी मांग पर जोर दिया गया है।
बता दें अभी कुछ दिन पहले ही न्याय की मांग को लेकर भरत भूषण तिवारी के परिजन मुख्यमंत्री से मिले थे। तब मुख्यमंत्री की ओर से परिजनों को भरोसा भी दिया गया था।















