Farmers are Helpless: पूर्व विधायक भाई दिनेश ने सरकार और प्रशासन से सशक्त मांग की है कि किसानों के धान की शत-प्रतिशत खरीद समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित की जाए।
- हाइलाइट: Farmers are Helpless
- सरकार द्वारा किसानों के हित में की गई घोषणाएँ पूरी तरह से हवाहवाई:- भाई दिनेश
- कहा: ठंड के समय गरीबों को अनावश्यक रूप से बेघर करना किसी भी मायने में न्यायोचित नहीं
आरा,बिहार। देश के अन्नदाता किसान आज भी अपनी आजीविका के लिए संघर्षरत हैं। यह अत्यंत दुखद और शर्मनाक स्थिति है जब एक किसान को अपनी कड़ी मेहनत से उगाई गई धान की फसल का समर्थन मूल्य न मिलने के कारण उसे जलाने या आत्मदाह जैसा चरम कदम उठाने को विवश होना पड़े। ऐसी परिस्थिति किसी भी संवेदनशील सरकार और प्रशासन के लिए गहन आत्मचिंतन का विषय होनी चाहिए। ये बातें जगदीशपुर के पूर्व विधायक भाई दिनेश ने कही।
Farmers are Helpless: किसान विवश, घोषणाएँ हवाहवाई
पूर्व विधायक भाई दिनेश (जगदीशपुर, भोजपुर) ने इस गंभीर मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार द्वारा किसानों के हित में की गई घोषणाएँ पूरी तरह से हवाहवाई साबित होती दिख रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार और प्रशासन का एकमात्र कार्य गाँव, गरीब, किसान, मजदूर के घरों को तोड़ना और फुटपाथी दुकानदारों को उजाड़ना ही रह गया है, जिसे वे अपनी उपलब्धि मान बैठे हैं। यह प्रवृत्ति घोर निंदनीय है और जनकल्याण की भावना के विपरीत है।
भाई दिनेश ने सरकार और प्रशासन से सशक्त मांग की है कि किसानों के धान की शत-प्रतिशत खरीद समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित की जाए। इसके लिए एक व्यापक और प्रभावी अभियान चलाकर, समय पर किसानों के बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि अन्नदाताओं को आर्थिक संकट से मुक्ति मिल सके।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने पुनः आग्रह किया है कि उन गरीब परिवारों के घरों, दुकानों या झोपड़ियों को तोड़ने के निर्देशों को तत्काल वापस लिया जाए जिनसे न तो कोई रास्ता, न जल निकासी बाधित हो रही है, और न ही किसी सरकारी भवन या उद्योग का निर्माण प्रस्तावित है। उनका कहना है कि ठंड के समय गरीबों को अनावश्यक रूप से बेघर करना किसी भी मायने में न्यायोचित नहीं है।


