Private Bank Ara: गीधा थाना क्षेत्र के मटियार गांव से पकड़ा गया साइबर ठगी के पैसे निकालने वाला अपराधी, तीन अन्य फरार
- हाइलाइट:
- विभिन्न राज्यों ठगी के 54 लाख रुपए की अवैध निकासी में एक साइबर अपराधी गिरफ्तार
- आरा के प्राइवेट बैंक में खाता खुलवाकर ठगी के पैसे मंगाने और निकालने का आरोप
- एक मोबाइल, दस चेकबुक, चार पासबुक और एक एटीम कार्ड बरामद
- पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के ठगी के पैसे की हुई निकासी
आरा। भोजपुर साइबर थाने की पुलिस द्वारा पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और कर्नाटक सहित अन्य राज्यों से साइबर ठगी के पैसे की निकासी करने के मामले में एक अपराधी को गिरफ्तार किया गया है। वह गीधा थाना क्षेत्र के मटियारा कायमनगर गांव निवासी मो. अकबर अली का पुत्र मेराज अंसारी है। उसके पास से एक मोबाइल, दस चेकबुक, चार पासबुक और एक एटीएम कार्ड बरामद किया गया है। उसको उसे घर में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि छापेमारी के दौरान उसके तीन अन्य साथी भागने में सफल रहे। साइबर डीएसपी स्नेह सेतू द्वारा मंगलवार को प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी गयी।
Private Bank Ara: आरा उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में आ रहे थे साइबर फ्रॉड के पैसे
उन्होंने बताया कि साइबर पोर्टल के माध्यम से जानकारी मिली कि आरा उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक है। उसके कुछ खातों में साइबर फ्रॉड के काफी पैसे आ रहे हैं। चेक के माध्यम से उन पैसों की निकासी की जा रही है। उसकी छानबीन शुरू की गयी और मुख्य तीन खाता धारकों की पहचान की गयी। इनमें वामपाली चंदा गांव निवासी जावेद आलम, कायमनगर गांव निवासी शमिमा खातून और मटियारा कायम नगर निवासी मेराज अंसारी शामिल हैं। तीनों आपस में रिश्तेदार हैं।
जांच के क्रम में जानकारी मिली कि इन खातों में पश्चिमी बंगाल, उड़ीसा, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से साइबर ठगी के पैसे आये हैं। उनमें अबतक 53 लाख 88 हजार रुपए की निकासी चेक के माध्यम से कर ली गई है। उसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गयी।
बैंक के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर मेराज अंसारी सहित अन्य अपराधियों की पहचान की गयी। उसके बाद छापेमारी कर मेराज अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि छापेमारी के दौरान जावेद आलम सहित अन्य आरोपित भागने में सफल रहे।


