Saturday, October 23, 2021
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जिंदगी इम्तिहान लेती है… गाने वाले दारोगा की जिंदगी की शुरु हुई परीक्षा

Dilip Nirala घूसखोरी में फंसे, तो अपने ही सहकर्मियों से भागते फिर रहे दारोगा

लॉकडाउन में फिल्मी गाने गाकर लोगों को जागरूक कर रहे थे दारोगा

खबरे आपकी आरा। कभी जिंदगी इम्तिहान लेती है और आदमी मुसाफिर है… जैसे हिन्दी फिल्मी गानों से शहर के लोगों को कोरोना से बचाने और लॉकडाउन का पालन कराने वाले दारोगा Dilip Nirala आज खुद की जीवन की कठिन परीक्षा में फंस गये हैं। उनको अपने उपर लगे भ्रष्टाचार के दाग को धोने के इम्तेहान में पास होना होगा। लेकिन दाग धोने के बदले दारोगा घूसखोरी का आरोप लगते ही फरार हो गये। वह अपने ही महकमे और सहकर्मियों से भागते फिर रहे हैं। उनके साथ रहे पुलिस वाले ही उनकी खोज में पीछे पड़ गये हैं। उनके खिलाफ जांच भी शुरू कर दी गयी है। जांच में घूसखोरी की शिकायत सही पायी गयी, तो जेल भी जाना पड़ेगा।

Dilip Nirala-तब सब इंस्पेक्टर ‘निराला’ के निराले अंदाज, तो आज चल रही घूसखोरी की चर्चा

विदित हो कि इस साल कोरोना काल में टाउन थाने के एक तत्कालीन दारोगा दिलीप कुमार निराला एकदम नये अंदाज में लोगों को समझा रहे थे। फिल्मी गाने गाकर वह पब्लिक को जागरूक कर रहा है। जिंदगी इम्तिहान लेती है, दोस्तों की जान लेती है…। आदमी मुसाफिर है, आता और जाता है, आते-जाते रास्ते में कुछ यादें छोड़ जाता है..। शहर की सड़कों पर यह दारोगा लगातार अपनी धून में ये गाने गाते चलते रहते थे। तब सब इंस्पेक्टर दिलीप कुमार निराला के इस निराले अंदाज की शहर में खूब चर्चा चली थी। लेकिन आज शहर में उनकी घूसखोरी की चर्चा चल रही है। लोगों का कहना है कि आज सचमूच उनकी इम्तिहान की घड़ी आ गयी है।

खाकी पर दागः बालू के खेल के साथ केस मैनेज करने के नाम पर घूस लेने में बदनाम रही पुलिस

केस में घूस लेने में इस साल अबतक दो पुलिस अफसर फंसे

फरवरी माह में पीरो थाने के एक एएसाई को किया गया था गिरफ्तारी

अवैध वसूली में सहार थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष भी चल रहा फरार

आरा। भोजपुर में अवैध वसूली और बालू के काले खेल के साथ केस मैनेज करने के नाम पर घूस लेने में पुलिस बदनाम रही है। इस मामले चौकीदार से लेकर दारोगा स्तर तक के अफसरों पर अक्सर घूस लेने के आरोप लगते रहे हैं। कुछ तो जेल यात्रा भी कर चुके हैं। सस्पेंशन से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई भी हो चुकी है। बावजूद इसके कुछ अफसरों और पुलिस कर्मियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। इस साल भी करीब आधा दर्जन अफसरों और कर्मियों पर गाज गिर चुकी है। केस में मदद करने के नाम पर भी इस साल अबतक दो पुलिस अफसर नप चुके हैं।

Dilip Nirala
घूस लेने में फंसे दारोगा दिलीप कुमार निराला

दारोगा डीके निराला (Dilip Nirala)के खिलाफ प्राथमिकी और सस्पेंशन की कार्रवाई से पहले पीरो थाने के एक एएसआई जेल जा चुका है। केस डायरी में मदद करने के नाम पर पीरो थाने के एएसआई कृपा नारायण झा को गिरफ्तार किया गया था। रिश्‍वतखोरी का वीडियो वायरल होेने के बाद तब के एसपी रहे हर किशोर राय के आदेश पर उक्त एएसआई को गिरफ्तार कर लिया गया था। उस कार्रवाई के बाद महकमे में खलबली मच गई थी। वहीं अवैध वसूली के खेल में जून माह में सहार के तत्कालीन थानेदार आनंद कुमार के खिलाफ प्राथमिकी की गयी थी। बाद में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। फिलहाल वह गिरफ्तारी की डर से फरार चल रहा है। उस पर प्राइवेट लोगों से मिल बालू लदे ट्रकों के चालकों से अवैध वसूली करने का आरोप लगा है।

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