Judicial Inquiry Commission: न्यायिक जांच आयोग ने जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार, तत्कालीन डीएसपी राजेश कुमार शर्मा तथा तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत करीब 15 पुलिसकर्मियों को गवाही के लिए समन जारी किया है।
- हाइलाइट:Judicial Inquiry Commission
- 16 एवं 17 जुलाई को आयोग के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश
आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण की न्यायिक जांच के क्रम में न्यायिक जांच आयोग ने जगदीशपुर के एसडीओ संजीत कुमार, तत्कालीन डीएसपी राजेश कुमार शर्मा तथा तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत करीब 15 पुलिसकर्मियों को गवाही के लिए समन जारी किया है। इसमें भोजपुर जिला पुलिस से लेकर एसटीएफ के दारोगा व सिपाही तक के नाम शामिल है।
Judicial Inquiry Commission : न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा की ओर से जारी समन
न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष सह पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा की ओर से जारी समन में 16 एवं 17 जुलाई को आयोग के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने पूरी घटना की जांच, गवाहों द्वारा लगाए गए आरोपों तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मियों का पक्ष जानने के लिए सिविल सेवा अधिनियम के तहत उन्हें आयोग की अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
सरकारी सर्विस पिस्टल जब्त
इधर, मामले की जांच कर रही पुलिस ने प्राथमिकी के आधार पर फोरेंसिक जांच के लिए मुठभेड़ के दौरान मौजूद तत्कालीन जगदीशपुर डीएसपी के बाडीगार्ड संजय कुमार, दारोगा हरिचंद्र कुमार तथा एएसआई रामाशंकर यादव की सरकारी सर्विस पिस्टल जब्त कर ली है।
जिसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इससे पूर्व तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार की सरकारी पिस्टल, एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की सरकारी पिस्टल तथा आरोपित भरत की पिस्टल भी जब्त की जा चुकी है।
पुलिसकर्मियों को अपना पक्ष रखने का निर्देश
न्यायिक जांच आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए शाहपुर थाने के दारोगा हरिचंद्र कुमार, इंस्पेक्टर सह आईओ संजीव कुमार, एएसआई रामाशंकर यादव, एसटीएफ के दारोगा विकास कुमार, दारोगा मंटू कुमार, सिपाही मुन्ना कुमार, सिपाही सोनू मेहता, चालक हवलदार नरेंद्र सिंह, सिपाही अभिषेक कुमार, सिपाही अक्षय कुमार, दारोगा राम कुमार तथा डीएसपी के बाडीगार्ड संजय कुमार को भी समन जारी किया गया है। सभी को अलग-अलग तिथियों पर आयोग के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।

