Power Crisis Shahpur: बिजली आपूर्ति की अनिश्चितता का आलम यह है कि बिजली आती है और कुछ ही क्षणों में गायब हो जाती है।
- हाइलाइट: Power Crisis Shahpur
- शाहपुर में बिजली संकट से जनजीवन अस्त-व्यस्त
- दिन के समय स्थिति चुनौतीपूर्ण और रात के समय बदतर
- बिजली आती है और कुछ ही क्षणों में गायब हो जाती है
- बिजली कटौती के कारण लोगों की रातें बेचैनी में गुजर रही हैं
- नगर क्षेत्र में व्याप्त असंतोष का कभी भी हो सकता है विस्फोट
आरा,भोजपुर। जिले के शाहपुर क्षेत्र में इन दिनों बिजली की लचर व्यवस्था के कारण आम जनता का धैर्य अब जवाब देने लगा है। भीषण गर्मी के बीच बिजली विभाग की उदासीनता के चलते स्थानीय निवासियों, विशेषकर युवाओं में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि बिजली की आवाजाही का कोई निश्चित समय नहीं है, जो क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी या तो फोन नहीं उठाते या फिर तकनीकी खराबी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
Power Crisis Shahpur: रातें बेचैनी में गुजर रही
बिजली आपूर्ति की अनिश्चितता का आलम यह है कि बिजली आती है और कुछ ही क्षणों में गायब हो जाती है। दिन के समय तो स्थिति चुनौतीपूर्ण रहती ही है, लेकिन रात के समय बिजली की स्थिति और भी बदतर हो जाती है। लगातार हो रही बिजली कटौती के कारण लोगों की रातें बेचैनी में गुजर रही हैं। अनिद्रा और गर्मी की दोहरी मार से बुजुर्गों और बच्चों का स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही, रात में बिजली गुल होने से मच्छरों का प्रकोप भी झेलना पड़ रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है।
क्षेत्र के युवाओं का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। बिजली कटौती के इस मनमाने रवैये से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है और कामकाजी वर्ग भी अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित नहीं कर पा रहा है। पिछले कुछ हफ्तों से जारी अघोषित और निरंतर बिजली कटौती के कारण स्थानीय निवासियों में गहरा असंतोष पनप रहा है।
बिजली व्यवस्था से नाराज युवाओं का आक्रोश लगातार उग्र होता जा रहा है
इधर, युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। उनका आक्रोश लगातार उग्र होता जा रहा है। बिजली विभाग के प्रति उनका बढ़ता हुआ यह उग्र रवैया आने वाले दिनों में और अधिक तनावपूर्ण स्थितियों की ओर इशारा कर रहा है।
नगर क्षेत्र के कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनता के सब्र की परीक्षा न ली जाए। बिजली आपूर्ति एक बुनियादी अधिकार है, और इसे सुचारू रूप से उपलब्ध कराना विद्युत विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो शाहपुर की कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है, जिसका पूरा उत्तरदायित्व विद्युत विभाग का होगा।


